पहाड़ों की बारिश से यमुना व बरसाती नदियां उफान पर
-सैकड़ों लोगों व मवेशियों की जान खतरे में, नदी में डूबने से हो चुकी है एक व्यक्ति की मौत
-प्रशासन के बंदोबस्त अधूरे, रादौर के पास आवर्धन नहर में भी लीकेज, नहर टूटी तो दो दर्जन से ज्यादा गांव में आ जाएगी बाढ़
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पहाड़ों में हो रही जोरदार बारिश के पानी ने जिले में रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हथनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। वीरवार को सुबह नौ बजे यहां 35016 क्यूसेक पानी था। यहां से पश्चिमी यमुना नहर में 15000 क्यूसेक डिमांड से ज्यादा 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इजेसी में एक हजार की क्यूसेक की डिमांड से ज्यादा 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दिन में जलस्तर कुछ कम हुआ, लेकिन शाम होते होते जलस्तर फिर से बढ़ गया। वहीं खनन माफिया की खुदाई से सोमनदी पर रणजीतपुर पुलिस चौकी के समीप बनाया गया तटबंध व बिलासपुर धनोरा मार्ग पर बने पुल के समीप एक हिस्से की मिट्टी पानी के तेज बहाव के साथ बह गई है। जिससे साथ लगते बिजली के पोल व पेड़ भी उखड़ गए थे। प्रशासन ने रणजीतपुर पुल को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों को चेतावनी दे दी गई है कि सोम नदी के आस पास के क्षेत्र में अपने पशुओं को चराने केे लिए ना जाए व सतर्क रहे। साथ ही बरसाती नदियों को पुल से ही पार करें। वहीं खिजराबाद, छछरौली, यमुनानगर सिटी, जठलाना, गुमथला, रादौर आदि जगहों पर यमुना व अन्य सहायक नदियों के किनारे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जिससे ग्रामीणों का बाढ़ का खतरा सता रहा है। निचले इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया ने अपने फायदे के लिए कई लाख लोगों की जिंदगी दांव पर लगा दी है। यह सब नेता, पुलिस और प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है।
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