डायरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जारी की एडवाइजरी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में डायरिया के मामले सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया। विभाग द्वारा लोगों तक मैसेज पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए सरपंचों और अन्य लोगों से वाट्सएप पर संपर्क किया जा रहा है। उन्हें हिदायत दी है कि एक-दो केस सामने आते ही सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते बीमारी फैलने पर रोक लगाई जा सके। साथ ही लोगों को अवेयर करने के बारे में कहा जा रहा है।
गंदगी से बचने की अपील : खुले में शौच न जाए, हैंडपंप का पानी प्रयोग न करें, बाजार से कटे हुए फल न खरीदें। नलों द्वारा पानी की जो सप्लाई की जा रही है, उसी का इस्तेमाल करे। अगर पानी में किसी तरह की कोई बदबू है, तो पानी उबाल कर ही पीयें।
घरेलू उपचार से बचें लोग : एमएस डॉ. विजय दहिया ने कहा कि कुछ लोग इस बीमारी को गंभीर रूप से नहीं लेते। क्योंकि उनके पास इस गंभीर रोग की पूरी जानकारी नहीं है। पेट खराब होने पर वे घरेलू उपायों से ही अपना इलाज करने की कोशिश करते है। ऐसे पेशेंट लगातार लूज मोशन यानी पतला दस्त आना, उल्टी होना को हल्के में लेते हैं। जिसके चलते अन्य लोग भी बीमारी की चपेट में आने लगते हैं। इसलिए ज्यादा परेशानी होने पर घरेलू उपचार की बजाय डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।
ये है मुख्य वजह : उन्होंने बताया कि डायरिया वायरल, बैक्टेरियल संक्रमण के कारण तो होता ही है, लेकिन सबसे कॉमन कारण है खान-पान में गड़बड़ी, प्रदूषित पानी और आंत की गड़बड़ी। दिन में अगर तीन से अधिक बार पानी के साथ पतला दस्त हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है।
डिहाइड्रेशन से बचें : डायरिया में शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। जो काफी गंभीर होता है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है। शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज की जान भी जा सकती है। आम तौर पर डायरिया 3 से 7 दिनों तक परेशान करता है। इस बीमारी में सबसे ज्यादा खतरा डिहाइड्रेशन से होता है, जिसमें शरीर से सारा पानी और खत्म हो जाता है। आंत में पानी जाने से पहले ही वो पास हो जाता है।
पूरा इलाज करवाएं : डायरिया वैसे तो कभी भी हो सकता है। लेकिन बरसात में वायरल डायरिया ज्यादा परेशान करता है। इसकी वजह गंदा पानी और खाना-पीना है। डायरिया अचानक हो जाता है और कोर्स पूरा होने के बाद ही खत्म होता है। पेट में ज्यादा एसीडिटी बनने से भी डायरिया होती है। यह सभी उम्र के लोगों को परेशान करता है। एक्यूट डायरिया वयस्कों को साल भर में एक बार और बड़े बच्चों को दो बार होता है।
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया से निपटने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दे दिए गए है। सभी सब सेंटर पर ओआरएस की व्यवस्था करवा दी गई है। लोग भी जागरूक रहे। पीने के पानी की व्यवस्था सीवरेज से दूर रखे। पानी उबाल कर ही ले। बाजार से कोई भी कटा फल ना लें खानपान में सावधानी बरतें।