अमर उजाला ब्यूरो
साढौरा। पंचायत के स्थान पर नगरपालिका के गठन होने के बारे में नोटिस हो जाने के बाद पंचायत संघर्ष समिति ने सरकार के इस निर्णय का विरोध करने का फैसला किया है। कस्बे के मनोकामना मंदिर के मैदान में आयोजित पंचायत समर्थकों की बैठक हुई। इसमें पंचायत से संघर्ष समिति ने एलान कर दिया कि वह साढौरा में पंचायत को ही बहाल करके दम लेगी। फिर चाहे इसके लिए कितना ही बड़ा संघर्ष क्यों न करना पड़े?
समिति के अध्यक्ष अशोक मेहता ने कहा कि जब कस्बे के 90 प्रतिशत लोग पंचायत को ही बहाल रखने के समर्थन में है। फिर भी सरकार द्वारा जनमत की अवहेलना करके नगरपालिका का गठन के बारे में नोटिस जारी किया जा रहा है। यह जनमत का अपमान है।
उन्होंने कहा कि इस बारे में कस्बे में वार्ड अनुसार हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। कस्बे के लोगों के पंचायत के पक्ष में किए गए हस्ताक्षरों के पत्र को मुख्यमंत्री के नाम डीसी को सौंपा जाएगा। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। इंद्रजीत ढिल्लो, अरुण जैन एवं दिलावर हुसैन ने कहा कि कस्बे में पंचायत बहाली के लिए कानून का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। गोपाल सिंह, शाम लाल, पवन बक्शी एवं रामेश्वर दास ने कहा कि कस्बे का विकास केवल पंचायत काल में ही संभव हुआ है। इसलिए कस्बे के संपूर्ण विकास के लिए कस्बे में पंचायत का ही रहना लोगों के हित में है।