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आठ घंटे बिजली न मिलने पर किसानों का पारा हुआ हाई, 41 डिग्री तापमान में एसडीओ कार्यालय का घेराव कर सरकार पर बरसे

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आठ घंटे बिजली न मिलने पर किसानों का पारा हुआ हाई, एसडीओ कार्यालय घेरा
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- सरस्वती नगर के बिजली कार्यालय पर एकत्रित हुए भंभौली फीडर के चार गांव के किसान
- बोले, किसानों को आठ घंटे बिजली देने का है शेड्यूल, पूरा दिन नहीं आ रही बिजली, सूख रही धान की फसलें
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शेड्यूल के अनुसार बिजली न मिलने पर भंभौली फीडर के चार गांवों के किसानों का पारा हाई हो गया। 41 डिग्री तापमान में किसान रविवार को सरस्वती नगर बिजली कार्यालय पर पहुंचे और घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि शेड्यूल के अनुसार उन्हें आठ घंटे बिजली मिलनी चाहिए। लेकिन पूरा पूरा दिन बिजली नहीं आ रही, जिससे किसानों की धान की फसल सूख रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली शेड्यूल के अनुसार आठ घंटे बिजली नहीं दी गई तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसडीओ की गैरमौजूदगी में फोरमैन ने किसानों को समझाया : एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने के लिए उत्तरी हरियाणा बिजली विभाग के फोरमैन राजेश कुमार आए। उन्होंने किसानों की बात सुनी और कहा कि एसडीओ साहब आज बाहर गए हुए हैं बाकी वह इस बारे उनसे बातचीत करेंगे। इस तरह की कोई समस्या भविष्य में नहीं आने दी जाएगी। बिजली शेड्यूल के अनुसार दी जाएगी।
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दिनभर गायब रहती है बिजली, कैसे करें धान की सिंचाई : भंभौली फीडर के अंतर्गत पड़ने वाले गांव कलापुर, भंभौली, कान्हड़ी व अन्य गांवों के किसान पूर्व सरपंच सरदूल सिंह, बलजीत सिंह, लखविंद्र सिंह, अवतार सिंह, जसविंद्र सिंह, जगजीत सिंह, गुरमुख सिंह, हरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली का बहुत बुरा हाल है। शेड्यूल के अनुसार उनके नलकूपों पर हर रोज आठ घंटे बिजली मिलनी चाहिए। लेकिन पूरा-पूरा दिन बिजली गायब रहती है। जिससे धान लगाने का कार्य लंबित हो रहा है। जिन किसानों ने धान लगा दी है, उनमें सिंचाई की बहुत जरूरत है। लेकिन बिजली न मिलने से धान की फसल सूख रही है। ऐसे में कब फसल लगेगी, कब पकेगी।
डीजल महंगा होने से खाली हो रही जेब : किसानों ने कहा कि बिजली न मिलने पर किसानों ने नलकूपों पर डीजल इंजन रखे हुए हैं। बिजली न होने के कारण उन्हें मजबूरन डीजल इंजन या ट्रैक्टर से ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। ऐसे में 67-68 रुपये प्रति लीटर डीजल तेल में इंजन से सिंचाई करना बहुत महंगा पड़ रहा है। धान की फसल को रोजाना सिंचाई की जरूरत है। डीजल इंजन से प्रति एकड़ सिंचाई पर एक दिन में छह सौ से सात रुपये खर्च आ रहा है। जिससे उनकी जेबें खाली हो रही है।
आठ घंटे बिजली न मिली तो सड़कों पर उतरेंगे किसान : भारतीय किसान यूनियन के सदस्य हरिंदर सिंह, लखविंद्र सिंह, मनदीप सिंह ने कहा कि पर्याप्त बिजली न मिलने पर किसानों में सरकार व बिजली निगम के प्रति रोष है। इसी रोष के चलते किसानों ने रविवार को सरस्वती नगर के एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बिजली सप्लाई का शेड्यूल ठीक नहीं किया गया तो उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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उनके एरिया में बिजली का शेड्यूल सही है। सभी फीडर पर आठ आठ घंटे बिजली किसानों को दी जा रही है। सप्ताह बाद फीडर का टाइम शेड्यूल बदलता है। टाइम बदलने पर बिजली शेड्यूल भी बदल जाता है। ऐसे में किसी फीडर पर केवल एक ही दिन बिजली प्रभावित होती है। फिर भी यदि किसी फीडर पर लगातार कई दिनों से बिजली ठीक नहीं चल रही है तो चैक करवाकर ठीक कर दिया जाएगा।
- वतन सेधा, एसडीओ सरस्वती नगर, यूएचबीवीएन।
फोटो : 30
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