दिनभर हड़ताल, शाम को समझौते के बाद रात को काम पर लौटे वेंडर्स
आरपीएफ एएसआई व वेंडर्स में हुए विवाद का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन आरपीएफ के एएसआई योगेंद्र तोमर व छह वेंडर्स के बीच हुआ विवाद रविवार देर शाम को सुलझ गया। जीआरपी ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया। इसके बाद वेंडर्स रविवार रात को अपने काम पर लौट आए। इससे पहले दिनभर वेंडर्स हड़ताल पर रहे। जिसके चलते स्टेशन पर चाय, पकोड़े व अन्य सामान के स्टॉल बंद पड़े हुए थे। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी।
जीआरपी एसएचओ सुरेश पाल ने बताया कि रविवार शाम को जीआरपी एएसआई योगेंद्र तोमर व वेंडर्स को थाने बुलाया गया। थाने में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत चली। एएसआई योगेंद्र ने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर अपनी ड्यूटी निभा रहे है। आरपीएफ सीआईबी के आदेश अनुसार चालान किए गए थे। उधर, वेंडर्स ने अपना पक्ष रखा उनपर आईकार्ड है, फिर भी उनके चालान किए गए। तब पुलिस ने समझाया कि रेलवे एक्ट 144 के तहत वेंडर्स केवल अपने स्टॉल पर ही सामान बेच सकते है, रेलगाडिय़ों केअंदर व प्लेटफार्म पर नहीं। काफी विचार विमर्श के बाद दोनों पक्षों में रविवार देर शाम तक समझौता हो गया। इसके बाद वेंडर्स काम पर लौट आए।
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ये था मामला :
शुक्रवार रात अंबाला से आई आरपीएफ सीआईबी की टीम ने छह वेंडर्स को रेल गाडिय़ों व प्लेटफार्म पर अवैध रूप से सामान बेचते हुए पकड़कर आरपीएफ पुलिस के हवाले कर दिया। वेंडर्स ने आरपीएफ के एएसआई योगेंद्र पर चौकी में उनके साथ मारपीट करने व उनके मोबाइल व नकदी लेने का आरोप लगाया था। जबकि आरपीएफ के एएसआई ने वेंडर्स पर चौकी में उन पर धमकाने व हंगामा करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत जीआरपी थाने में दी गई है। मारपीट करने के विरोध में शनिवार से वेंडर्स हड़ताल पर थे। वेंडर्स की स्टेशन पर स्टॉल बंद होने से यात्रियों को खाने का सामान नहीं मिल रहा था।
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