प्रतिबंध के बाद भी खनन माफिया ने खोद डाली सोमनदी
पुल बहने और पटरी टूटने का मंडरा रहा खतरा, दहशत में ग्रामीण
खनन पर 30 सितंबर तक लगाया हुआ है प्रतिबंध, खनन माफिया के आगे आदेश हवा हवाई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। सरकार की ओर से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पर पूर्ण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद घाड क्षेत्र में सोमनदी में अवैध खनन जारी है। अवैध रूप से किया रहा खनन सोम नदी पर बने पुल के लिए भी आफत बन सकता है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र दहशत के साये में जी रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक हुई बारिश से सोम नदी के उफान पर आ जाने से पुलों के आसपास व नदी के किनारों पर किया गया खनन पुल व आसपास की बस्तियों के लिए खतरा बन सकता है।
रणजीत पुर बस स्टैंड के निकट सोम नदी पर बने पुल व रामपुर गेढ़ा में नव निर्मित पुल के बीच में लगभग एक किलोमीटर लंबा नदी का मार्ग आता है। इसी मार्ग में खनन माफिया ने भारी मात्रा में अवैध रूप से खनन के काम को अंजाम दिया गया है। इससे नदी के रास्ते में दस से पंद्रह फुट गहरे गड्डे हो गए हैं। इसका सीधा नुकसान दोनों पुलों की नीव पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने अनेक बार मानसून सीजन में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई भी अधिकारी अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर गंभीर नजर नहीं आता है। इसके साथ साथ रणजीत पुर पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर भी नदी में अवैध खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।
सोमनदी में उफान आया तो टूट सकती है पटरी
क्षेत्र के ग्रामीण इरफान, राज कुमार, महक, दलीप कुमार का कहना है सोम नदी केे किनारे रणजीतपुर आबादी के निकट पटड़ी के समीप किए गए खनन से का विपरीत असर सोम नदी में आए अचानक उफान से होगा। जो कि पटड़ी को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि पटरी टूट गई तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ आएगी। लोगों ने सड़क के किनारे लगे स्टोन क्रशर को हटाने की मांग की है।
मार्ग पर लगे हैं दर्जन से अधिक स्क्रीनिंग प्लांट
बिलासपुर धनौरा मार्ग पर गांव रानीपुर से धनौरा तक लगभग एक दर्जन से अधिक स्क्रीनिंग प्लांट सड़क के किनारे लगे हुए हैं। इनमें से दिन रात भारी मात्रा में रेत, मिट्टी, गर्द व ध्वनि प्रदूषण फैलता है। इसके कारण सड़कों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। जबकि नियमों के अनुसार स्टोन क्रशर व स्क्रीनिंग प्लांट मुख्य मार्ग, रिहायशी इलाकों व गांवों से दूर स्थित होने चाहिए। इतना ही नहीं इन स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों ने सड़क के किनारे भारी मात्रा में स्टाक जमा कर रखा है जो कि कभी भी हादसे का शिकार बन सकता है। आदि बद्री में आए दिन कोई ना कोई राजनीतिक नेता व प्रशासनिक अधिकारी पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं लेकिन अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई।
रणजीतपुर चौकी से 400 मीटर की दूरी पर हो रहा अवैध खनन
एनजीटी ने जहां भारी मशीनरी को नदी में खनन के काम में रोक लगा रखी है वहीं, इसके बाद सरकार ने किसी भी तरह के खनन पर रोक लगा दी। इसके बावजूद बड़ी-बड़ी मशीनें यमुुना की तरह सोमनदी का सीना चीरती नजर आईं। रणजीतपुर क्षेत्र में रणजीतपुर चौकी से मात्र 300 से 400 मीटर की दूरी के बीच अवैध खनन हो रहा है। रात के समय कभी भी यहां अवैध खनन होता देखा जा सकता है। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
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बरसात के सीजन में खनन पर रोक लगाई गई है। विभिन्न क्षेत्रों में खनन रोकने के लिए अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जहां से भी शिकायत मिलेगी वहां पर कार्रवाई की जाएगी।
-ओमदत्त शर्मा, इंस्पेक्टर, खनन विभाग
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