खेतों में दौड़ा 11 केवी का करंट, 14 भैंस समेत 16 पशुओं की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। हर्बल पार्क के पास खेतों में करंट आने से 14 भैंस, एक गाय और एक कटड़े की मौत हो गई। चार पशुपालक बाल बाल बच गए। वहीं पास के खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने भी भागकर अपनी जान बचाई। सभी मृत पशु दो किसानों के थे। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली निगम के खिलाफ रोष बन गया। उन्होंने सरकार से प्रति भैंस एक लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है। साथ ही इसमें दोषी बिजली निगम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर खिजराबाद पुलिस की टीम पहुंची और मौके का मुआयना किया। बिजली निगम के एसई योगराज ने मौके का मुआयना किया और पीड़ित किसानों को यथासंभव मदद करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
चराने निकले थे पशुओं को
गुलामनबी और मीरहमजा ने बताया कि वह हर रोज की तरह अपने पशुओं को चराने के लिए निकले थे। जब वे हर्बल पार्क के नजदीक पहुंचे तो हर्बल की चहारदीवारी के पास 11 केवी की लाइन के खंभे के आसपास उनके पशु अचानक जमीन पर गिर गए और तड़पने लगे। उनके देखते ही देखते दुधारू पशुओं ने दम तोड़ना शुरू कर दिया और कुछ ही मिनट में 14 भैंस, एक गाय और एक कटड़े की मौत हो गई। वे सावधानीपूर्वक अपने पशुओं के पास नहीं गए। पीड़ितों का कहना है कि वे बीस साल से दुधारू पशु पालकर अपना गुजारा कर रहे हैं। सारी भैंसों की मौत के बाद उनके पास आमदनी का कोई भी साधन नही रहा। परिवार का भरण पोषण भी मुश्किल हो जाएगा। पीड़ितों ने बिजली विभाग से अपने पशुओं के हुए नुकसान की भरपाई के लिए गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने सरकार से प्रति पशु एक लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है।
जीरी लगा रहे मजदूरों ने भाग कर जान बचाई
आसपास के खेत में काम कर रहे मजदूरों को पैरों में झनझनाहट हुई तो वे घबराकर बाहर आ गए और बिजली निगम के अधिकारियों को फोन कर लाइन काटने को कहा। कुटीपुर निवासी सुखबीर ने बताया कि वह खेतों में काम कर रहा था। तभी कुछ देर बाद पानी में पैरों पर झनझनाहट होने लगी। वह बाहर निकल गया और बिजली कर्मचारियों को फोन पर सूचित किया। इसी गांव के सीन्ने ने बताया कि उसने भी बिजली विभाग के कार्यालय में फोन पर सूचित किया था कि खेतों में करंट आ रहा है। उनके पास काम कर रहे मजदूरों ने बताया था कि खेतों में करंट आ गया है।
पहले ही कर दी थी शिकायत
किसानों ने बताया कि खेतों में करंट के बारे में निगम के अधिकारियों को बताया गया था। उसके बाद कुछ समय के लिए लाइट काट दी गई, लेकिन उसके बाद लाइन ठीक किए बिना फिर से इनमें करंट छोड़ दिया गया। अगर इसे पहले ही ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता। हादसा होने के बाद बिजली निगम के कर्मचारी पहुंचे और लाइन ठीक की।
जंपर टूटने के बाद स्पोर्टिंग तार में आया करंट
मौके पर पहुंचे बिजली निगम के कर्मचारियों ने बताया कि 11 केवी की ये एग्रीकल्चर लाइन है। जंपर टूटने की वजह से करंट का तार पोल की स्पोर्ट्स के लिए लगे लोहे के तार से छू गया। इसकी वजह से आसपास की जमीन में करंट आ गया। यहां जैसे ही पशु निकलने लगे तो वह करंट की चपेट में आ गए। यह एक हादसा है।
बिजली निगम की सफाई
बिजली निगम के एसडीओ आशीष चोपड़ा का कहना है कि यहां अर्थ लेवल पहले 12 से 15 फीट पर था। अब पानी का लेवल काफी नीचे चला गया है। इसकी वजह से पत्थर सूख गए और अर्थ लेवल खत्म हो गया। जम्पर टूटने के बाद करंट का तार अर्थ के तार से छू गया। वाटर लेवल नीचे जाने की वजह से करंट को अर्थ नहीं मिला और जमीन गीली होने की वजह से उपरी सतह पर ही करंट फैल गया। मौके पर पहुंचे निगम के एसई योगराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अर्थ लेवल की गहराई 60 फीट की जाएं। उन्होंने बताया कि पीड़ित पशुपालकों के साथ सहानुभूति है। जितना भी नुकसान हुआ है, उसकी नियमों के हिसाब से भरपाई करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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