प्रचंड गर्मी के बीच शहर में छाया धूल का गुबार, तापमान 45 डिग्री के पार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। भीषण गर्मी के साथ शहर में बुधवार को धूल का गुबार छा गया। हालात ये है कि दिन में भी दृश्यता कम हो गई है। 200 मीटर से आगे देख पाना मुश्किल हो रहा है। प्रचंड गर्मी का असर भी व्यापक रूप में देखने को मिला। गर्मी ने लोगों को बुरी तरह झुलसा कर रखा हुआ है। दिन में जो व्यक्ति घर से बाहर निकले, उनकी त्वचा गर्मी के मारे बुरी तरह झुलसती नजर आई। न केवल शाम के तापमान में बल्कि सुबह के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री था, वहीं बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक उमस भरी गर्मी महसूस रहेगी। यानी 18 से 20 जून के आस-पास ही बारिश के आसार हैं। अचानक हुए इस परिवर्तन की वजह से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर अस्थमा और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी और उन्हें घर में ही कैद होकर रहना पड़ा।
बारिश के तापमान बढ़ा : रविवार को आई तेज आंधी और हलकी बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया था। लेकिन मंगलवार आते-आते इलाका फिर एक बार भीषण गर्मी की चपेट में आ गया। देखते ही देखते तापमान बढ़ना शुरू हो गया है और यह 46 डिग्री तक जा पहुंचा, जोकि सामान्य से चार डिग्री ज्यादा रहा।
इसलिए छाया धूल का गुबार : दरअसल, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के चलते हरियाणा में धूल के गुबार के साथ तेज रफ्तार से अंधड़ आने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले 48 घंटे दिल्ली के लिए बेहद परेशानी भरे रह सकते हैं।
सांस के मरीज परेशान : सिविल अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. विजय दहिया ने बताया कि वायु प्रदूषण से सबसे बड़ी समस्या दमा के मरीजों के सामने आ जाती है, सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही उन्हें दौरे पड़ने लगते हैं। जहरीली हवा से गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भपात तक की स्थिति पैदा हो सकती है। ज्यादा दिन तक जहरीली हवा में सांस लेने पर बच्चा पैदा होने के बाद उसके शरीर पर प्रभाव पड़ सकता है। जहरीली हवा की वजह से शरीर में ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। लगातार जहरीली हवा लेते रहने से हार्ट सिस्टम सही ढंग से काम नहीं करता है। जहरीले पदार्थों से ब्लड सेल्स का व्यास कम हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
ये बरतें सावधानी : उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण के इस मौसम में घर से बाहर जब भी निकले तो मास्क लगाकर ही बाहर निकले। बिना जरूरत के घर से बाहर न निकले, ऐसे मौसम में मॉर्निंग वॉक पर जाने से भी परहेज करना चाहिए, खासकर बच्चों और बूढ़ों को। जहां तक हो सके घर से बाहर जाने से बचें। जितना हो सके उतना तरल पदार्थ पीएं और बच्चों को पिलाएं। बाजार में बहुत से एयर फिल्टर मौजूद हैं। हो सकें तो इसका इस्तेमाल करें।
घरों में लगाएं ये पौधे : हरियाणा इन्वायरमेंटल सोसायटी के प्रेजीडेंट एसएल सैनी के मुताबिक जहरीली हवा को कुछ पौधे फिल्टर कर सकते है। एलोवेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आईवी कुछ ऐसे पौधे हैं जिनको आप घर की बालकनी या घर के सामने लगा सकते हैं। ये जहरीली हवा को फिल्टर करने में मददगार साबित होते हैं
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