डीएसपी ने दिया था कार्रवाई न करने का आश्वासन, पुलिस ने 23 ग्रामीण पर किया नामजद केस
- गांव शादीपुर में पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने को लेकर हुए विवाद का मामला
- बोले, पुलिस की लाठियों से ग्रामीण हुए थे घायल, प्रशासन के कर्मियों पर नहीं हुआ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव शादीपुर में पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने को लेकर हुए विवाद को लेकर पुलिस ने पूर्व जिला परिषद के वाइस चेयरमैन व कांग्रेसी नेता इस्लाम गुर्जर सहित 23 ग्रामीणों को नामजद व कुछ अन्य पर केस दर्ज किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर केवल एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि विवाद के दौरान मौके पर पहुंचे डीएसपी ने उन्हें उन पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था। जबकि आश्वासन के बाद पुलिस ने केवल नगर निगम प्रशासन का पक्ष सुना और उनके खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया। जिसमें ग्रामीण चोटिल हुए। महिला बिमला घायल हुई। जिसकी एमएलआर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा काटी गई। लेकिन डीएसपी देशराज के आश्वासन के चलते वे चुप रहे। मामले को लेकर ग्रामीण अब वीरवार को डीएसपी से मिलेंगे।
इन ग्रामीणों पर किया केस दर्ज : पुलिस ने मामले में नगर निगम ईओ दीपक सूरा की शिकायत पर शादीपुर निवासी दर्शनी, गुड्डो, बिमला, परवारी देवी, निर्मला, सरबती, भादी, महिंद्रो, रीटा, माया, महिंद्रो देवी, लाजवंती, शिक्षा, शीला, करेशनी, पूर्व जिप वाइस चेयरमैन एवं कांग्रेसी नेता इस्लाम गुर्जर, हरीसिंह, प्रेमचंद, इमरान, नीटू, सुरेश, कर्मवीर व रामशरण के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, तोड़फोड़ सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। ईओ दीपक सूरा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में ग्रामीणों के हमले में जेसीबी चालक जितेंद्र कुमार को चोट लगी।
नहीं उठाने दिया सामान, उजाड़ने के बाद लगा दी आग : ग्रामीणों ने बताया कि नगर निगम प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने से पहले उन्होंने अपना सामान उठाने की मांग की थी। लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। बुधवार को भी प्रशासन द्वारा उन्हें उनके उपले, भूस, ज्वार की फसल आदि उठाने नहीं दिया। आरोप है कि उन्हें सामान उठाने से पहले ही उनकी उजाड़ी हुई झोपड़ियों, कूप व कुहारों को आग लगा दी गई। जिससे उनका सारा सामान जलकर राख हो गया।
ये पूरा है मामला : गांव शादीपुर में पंचायती जमीन पर वर्ष 2007-08 में करीब 76 लोगों के सौ सौ गज के प्लाट काटे गए थे। लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। गांव के नगर निगम में शामिल होने के बाद यह जमीन भी निगम के अधिकार क्षेत्र में आ गई। इस पंचायती जमीन में से कुछ जमीन पर ग्रामीणों ने कुहारे, कूप, झोपड़ियां कब्जा किया हुआ था। मंगलवार सुबह नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ कब्जे हटाने पहुंची थी। लेकिन ग्रामीण यहां बनाई हुई झोपड़ियों के आगे बैठ गए और नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। इस पर पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई। ग्रामीणों की तरफ से नगर निगम की टीम व पुलिस पर पथराव किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार दर्शन सिंह, ईओ दीपक सूरा एसएचओ सुनील सहित अन्य अधिकारियों ने छिपकर जान बचाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। प्रशासन व ग्रामीणों में हुई झड़प में नगर निगम का एक कर्मचारी चोटिल हो गया था। उधर, लाठीचार्ज में बिमला नाम की महिला बेहोश होकर गिर गई व दो तीन अन्य ग्रामीणों को हल्की चोटें आई थी। लाठीचार्ज पर भड़के ग्रामीण बेहोश हुई महिला को चारपाई पर लिटाकर खजूरी रोड पर बैठ गए। ग्रामीणों ने सड़क के बीचों बीच ऑटो व बाइक खड़ी कर मार्ग पर जाम लगा दिया था।
मामले में नगर निगम ईओ की शिकायत पर 23 ग्रामीणों को नामजद किया है। मामले में कुछ अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। झगड़े में ग्रामीणों में से कोई घायल नहीं हुआ। विवाद को लेकर अभी ग्रामीणों की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कोई शिकायत आएगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर।
मंगलवार को शादीपुर में हुए विवाद के बाद ग्रामीणों का समझाया गया था। विवाद के दौरान बनाई गई वीडियो में ग्रामीण प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसलिए मामले में ग्रामीणों पर केस दर्ज किया गया। यदि ग्रामीण कोई सबूत दिखा देते हैं जिसमें पुलिसकर्मी उन पर हमला करता हुआ दिखे तो कार्रवाई की जाएगी।
- देसराज, डीएसपी, यमुनानगर।