विद्यार्थियों को इस बार भी अपने रुपयों से खरीदनी होगी साइकिल
बाद में विभाग देगा धनराशि
बिलासपुर। दो साल से फ्री साइकिल का इंतजार कर रहे एससी छात्र-छात्राओं को एक बार फिर से विभाग ने अपने पैसे से साइकिल खरीदने की पेशकश की है। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा की ओर से पत्र भेज कर स्कूल मुखियाओं को बच्चों को साइकिल खरीदने के निर्देश देने को कहा गया है।
सरकारी स्कूलों में दो किलोमीटर दूर से शिक्षा ग्रहण करने आने वाले कक्षा छठी, नौंवी व ग्यारहवीं के स्टूडेंट्स को सरकार की ओर से निशुल्क साइकिलें दी जाती है। बशर्ते कि उस गांव में उस स्तर का मिडिल, हाई या सीनियर सेकेंडरी स्कूल न हों। पहले साइकिलें सरकार की ओर से खरीद कर स्कूलों में भेज कर बच्चों में वितरित की जाती थी, लेकिन इस बार फिर शिक्षा विभाग ने नियमों में परिवर्तन करते हुए अभिभावकों को अपने पैसे से साइकिल खरीद कर रसीद स्कूल मुखिया के पास जमा कराने के निर्देश जारी किए हैं। पिछले साल इस नियम के तहत किसी भी अभिभावक ने साइकिल खरीद कर क्लेम नही किया था। जिसके चलते मौजूदा सत्र में मेरी पसंद की साइकिल योजना शुरू की गई, लेकिन यह योजना भी कामयाब नही हो पाई। अब फिर से विभाग ने स्कूल मुखिया को हिदायत दी है कि वे नियमानुसार जिन बच्चों को साइकिलें मिलनी है उनके अभिभावकों को अपने स्तर पर साइकिल खरीदने के लिए आदेश जारी करें। स्कूल मुखिया को खरीदी गई साइकिल की रसीद की वेरीफिकेशन कर इसकी सूचना संबंधित बीईओ व डीईओ को देनी होगी। जिस पर विभाग अभिभावकों को तय कीमत के अनुसार पैसे का भुगतान करेगा।