किसानों ने स्पीकर को दी दूध की बोतल, एक किलो चीनी व सब्जी की थैली
राष्ट्रीय किसान महासंघ पर हड़ताल के आठवे दिन स्पीकर आवास पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर देशभर में चल रहे आंदोलन के आठवें दिन किसानों ने स्पीकर कंवरपाल की कोठी के नजदीक प्रदर्शन किया। किसानों ने यहां स्पीकर पर एक किलो चीनी, एक बोतल दूध व एक थैली सब्जी दी। किसानों ने स्पीकर का कहा कि सब्जी के मुफ्त के समान दाम मिल रहे हैं। इसलिए वे मंडी में सब्जी बेचने की बजाय फ्री में बांट रहे है। जवाब में स्पीकर कंवरपाल ने कहा कि उनकी सरकार में जो सब्जी व फसलों के दाम हैं, वह पहली सरकार से अच्छे है। इससे पूर्व भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हुए किसान जगाधरी अनाजमंडी में एकत्रित हुए। किसानों ने मंडी गेट से लेकर सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इसके बाद नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इसी तरह वह यमुनानगर विधायक घनश्याम दास के कार्यालय में पहुंचे।
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नायब तहसीलदार को देने से मना किया तो स्पीकर खुद लेने आए दूध व सब्जी :
भाकियू के सदस्य जिला प्रधान संजू गुंदयाना के नेतृत्व में रोष जताने के लिए पहले किसान विधानसभा स्पीकर कंवर पाल के जगाधरी निवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पहले सब्जियां व दूध लेने के लिए नायब तहसीलदार आए, लेकिन किसानों ने उन्हें दूध व सब्जियां देने से मना कर दिया। उसके कुछ देर बाद विधानसभा स्पीकर कंवर पाल खुद किसानों के पास पहुंचे। किसानों ने स्पीकर को फ्री में सब्जियों व दूध दिया और आग्रह किया कि वह किसानों की मांगों पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जियों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। मंडियों में जाने से अच्छा है कि वह ऐसे ही मुफ्त में सब्जियां देते रहे। उसके बाद किसान यमुनानगर विधायक घनश्याम दास के माडल टाउन स्थित कार्यालय पहुंचे और उन्हें भी सब्जियां व दूध प्रदान कर रोष प्रकट किया।
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स्पीकर बोले, पहली सरकार से अच्छे है दाम :
विधानसभा स्पीकर कंवर पाल ने किसानों को कहा कि पाकिस्तान से चीनी मंगवाने बात गलत है, क्योंकि भारत में चीनी बहुत अधिक है। किसान सोशल मीडिया की बातों पर विश्वास न करे। सरकार ने चीनी का कोई भी आयात नहंी किया है। इस साल भारत में चीनी का सबसे अधिक उत्पादन है। इसलिए चीनी के रेट कम होने से मिल मालिक किसानों को गन्ने की पेमेंट नहीं कर सके। अब सरकार ने सात हजार करोड़ रुपये देने का वादा किया ताकि किसानों की पेमेंट सही समय पर हो सके। वही लागत मूल्य बारे उन्होंने कहा कि जो भी किसान का उत्पादन होगा, उस पर 50 प्रतिशत लाभ दिया जाएगा। पांच साल पहले पिछले सरकार से अब किसानों को रेट अच्छे मिल रहे है।
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