फ्लैट तो मिला, मूलभूत सुविधाएं नदारद
यमुनानगर। बीपीएल परिवारों को सेक्टर 12 की सुशांत सिटी में फ्लैट पर आवंटियों को कब्जा तो दे दिया गया, लेकिन वहां पर बिजली, पानी व साफ सफाई का कोई भी प्रबंध नहीं करवाया। जिससे गरीब लोगों की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ गई।
सरकारी योजना के अंतर्गत बीपीएल क्वार्टर के फार्म 2010 में भरे गए थे। जिसके लिए इन्होंने 35 हजार रुपये 2010 में फार्म भरते हुए जमा करवाए थे। इसके बाद दिसंबर 2012 में क्वार्टर मिलने तय हुए थे। तब भी इन्होंने 35 हजार रुपये जमा करवाएं। बीपीएल परिवार के लोगों को दो लाख रुपये जमा करवाने पर फ्लैट का कब्जा 2016 में मिला। जिसके लिए उन्होंने अपने गहने व जमा पूंजी खर्च कर दिए। अब उन्हें 13 साल तक हर महीने 2300 रुपये की किस्त भी भरनी पड़ रही है।
आवंटी ललित शर्मा ने बताया कि इतना खर्च करने के बाद उन्हें घर की चाबी तो मिल गई, लेकिन वहां पर उनके लिए बिजली, पानी व साफ सफाई का कोई भी प्रबंध नही किया गया। जिस कारण उन्हें किराए के घरों में रहना पड़ रहा है। फ्लैटों की सुरक्षा के लिए कोई चारदीवारी तक का भी प्रबंध नहीं किया गया हैं। वहां देखने पर बिल्कुल जंगल जैसा माहौल प्रतीत होता है। मजबूरन बीपीएल परिवारों को किराये के घरों में रहना पड रहा हैं। जिस वजह से उन्हें मकान के किराए के साथ साथ, हर महीने फ्लैट की किश्त भी भरनी पड़ रही है। जिससे उनकी मुश्किलें कम होने की बजाय और ज्यादा बढ़ गई हैं।
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