कोई मेडिकल व कॉमर्स में तो किसी का इंजीनियर बनने का सपना
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सीबीएसई बोर्ड के दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले से टॉपर रहे विद्यार्थियों में किसी का मेडिकल व कॉमर्स लाइन में करियर बनाने का सपना है तो कोई इंजीनियर बनने का ख्वाब बन रहा है। बेस्ट नंबर वाले सबजेक्ट के आधार पर स्कूलों से ये टॉपर रहे।
हुडा सेक्टर-17 की आर्शिया छाबड़ा ने सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं में 99 (495) प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसे अंग्रेजी में 98, हिंदी में 99, मैथ में 98, साइंस में 100, सोशल स्टडी में 95 व अतिरिक्त विषय कंप्यूटर में 100 अंक मिले। आर्शिया ने यह मुकाम बिना किसी ट्यूशन के सिर्फ सेल्फ स्टडी के जरिए हासिल किए। आर्शिया के पिता डॉ. नवीन छाबड़ा व माता श्रुति छाबड़ा दोनों डीएवी डेंटल कॉलेज में डॉक्टर हैं। दोनों की तरह आर्शिया का भी मेडिकल लाइन में रिसर्च वर्क करने का इरादा है। इसके लिए वह 11वीं में मेडिकल लेने का मन बना चुकी है। आर्शिया ने बताया कि उसने जब मन किया, तब किताब उठाई और पढ़ाई की। ऐसा कर कुल मिलाकर दिन में करीब सात घंटे सेल्फ स्टडी के जरिए उसे यह मुकाम हासिल हुआ है।
बेटी को रखा मोबाइल व तनाव से दूर, घर पर बनाया पढ़ाई का वातावरण: आर्शिया के पिता डॉ. नवीन छाबड़ा ने बताया कि मोबाइल हर व्यक्ति के ध्यान को बांटता है और इस पर लोग काफी समय जाया कर देते हैं। इसलिए उन्होंने अपनी बेटी आर्शिया को मोबाइल से दूर ही रखा और उसके घर पर पढ़ाई के लिए वातावरण बनाया। उन्होंने बताया कि आर्शिया को पढ़ाई के साथ पेंटिंग में रुचि है। वह जब भी खाली होती है, तब इसी कला में खुद का निपुण करती हैं।
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दादूपुर जट्टान से किसान के छौरे ने 98.6 अंकों से जमाई धाक, खेतीबाड़ी नहीं इंजीनियरिंग में बनाएगा पहचान: दादूपुर जट्टान के किसान देवीचंद के बेटे सुमित मान ने बिलासपुर के गणपित कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं में 98.6 (493) प्रतिशत अंक लेकर जिले में अपनी धाक जमाई। जबकि बिलासपुर खंड में वह पहले स्थान पर रहा। सुमित मान ने सोशल स्टडी व गणित में सौ में से सौ अंक मिले। सुमित मान का पिता की तरह खेतीबाड़ी में नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग लाइन में जाने का मन है, इसके लिए वह ग्यारहवीं में नॉन मेडिकल ले रहा है। सुमित ने बताया कि फसल की लागत ज्यादा और कीमत कम मिलती है, इसलिए वह पिता को मेहनत करते देखता था तो उसने पढ़ाई कर कुछ कर गुजरने का संकल्प लिया। स्कूल के आने बाद घर पर ज्यादा से ज्यादा और पूरी रुचि के साथ पढ़ाई की। इसी के बलबूते उसे यह मुकाम मिला है। सुमित की माता श्वेता हैं। सुमित की उपलब्धि पर स्कूल की प्रधानाचार्य अनू कपूर ने उसे व परिजनों को बधाई दी। अनू कपूर ने कहा कि स्कूल में 74 विद्यार्थियों ने वार्षिक परीक्षा दी थी। इनमें से सुमित मान ने 98.6, दमनदीप सिंह ने 94.8 व नवदीप कौर ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए। स्कूल के 25 विद्यार्थियों ने मेरिट, 30 ने प्रथम क्षेणी हासिल की। स्कूल प्रबंधक समिति के चेयरमैन नरेंद्र बिंद्रा व प्रधानाचार्य अनू कपूर ने विद्यार्थियों का मुंह मीठा कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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98.2 प्रतिशत अंक लेने वाली वर्तिका सेठी का है बैंकिंग व सीए लाइन में करियर बनाने का है मन: हुडा सेक्टर-17 की वर्तिका सेठी ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से दसवीं में 98.2 (491) प्रतिशत अंक पाए। वर्तिका को अंग्रेजी में 99, हिंदी में 99, साइंस में 98, सोशल स्टडी में 98, मैथ में 97 व अतिरिक्त विषस एसआईटी में 100 अंक मिले। वर्तिका के मुतबाकि उसने यह मुकाम बिना किसी ट्यूशन के हासिल किया है। उसने कहा अगर हार्ड वर्क से सेल्फ स्टडी भी की जाए तो यह नंबर पाना आसान है। उसने स्कूल से आने के बाद पांच घंटे बीच-बीच में गैप देते हुए पढ़ाई की। उसकी बैंकिंग व सीए लाइन में रूचि है, इसलिए वह आगे ग्यारहवीं में कॉमर्स स्ट्रीम लेगी। वर्तिका की माता मंजू सेठी ने कहा कि वर्तिका को पढ़ाई के साथ पेंटिंग करना पसंद है। पढ़ाई में स्कूल टीचर्स के अलावा उसकी बड़ी बहन प्राची सेठी, जो गुरुग्राम में जॉब करती है, उसने गाइडेंस दी।
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