कर्मचारी यूनियन की अनिश्चित कालीन हड़ताल रही जारी
बिलासपुर। केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आल इंडिया ग्रामीण डाक कर्मचारी और भारतीय अतिरिक्त विभागीय कर्मचारी यूनियन की अनिश्चित कालीन जारी है। ग्रामीण डाक सेवक के सदस्य इंद्रजीत सिंह, मोहित ने बताया कि ग्राम सेवकों की नियुक्ति की प्रक्रिया दो साल पहले 2017 में शुरू की गई थी। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में डाक सेवाओं को पहले से अधिक बेहतर किया जा सके। ग्रामीण डाक सेवक पिछलें काफी समय से मांगे कर रहा है। लेकिन केंद्र सरकार केवल आश्वसन देकर, अपना पल्ला झाड देती है। ग्रामीण डाक सेवक पिछलें काफी समय से सातवें पे कमीशन संबंधित कमलेश चंद्रा की रिपोर्ट शीध्र लागू की जाए। ग्रामीण डाक सेवकों को दस लाख की ग्रेजुऐटी दी जाए। सभी ग्रामीण सेवकों को मैडिकल सुविधा प्रदान की जाए। इसके साथ साथ कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। सतबीर सिंह ने कहा कि नियुक्ति के समय डाक विभाग के तहत मिलने सभी सुविधाएं प्रदान करने की घोषणाएं की गई। अब केंद्र सरकार ग्राम डाक सेवकों को सातवें पे कमीशन को प्रदान करने में देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक ग्राम डाक सेवकों को सातवें पे कमीशन की सुविधाएं प्रदान नही की जाती, तब तक उनकी अनिश्चिकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उपमंडल स्तर पर डाक सेवकों के धरने पर बैठ जाने से, जिलें भर के ग्रामीण डाकघरों में सेविंग, आरडी, सुकन्या समृद्धि बीमा पॉलिसी जमा, बुढा़पा पेंशन व मनी आर्डर जैसे कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे है। उन्होंने कहा कि गांवों में बाधित होने वाली डाक सेवाएं की सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।
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