आरक्षण बंद करने के लिए ओबीसी व सामान्य वर्ग के युवाओं ने किया प्रदर्शन
जगाधरी अनाज मंडी गेट व जिला सचिवालय में किया प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा पीएम मोदी के नाम ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
आरक्षण बंद कराने के लिए ओबीसी व सामान्य वर्ग के युवाओं ने जगाधरी अनाज मंडी गेट और जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। साथ ही एसडीएम भारतभूषण कौशिक को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन से पूर्व युवा शास्त्री कॉलोनी के कैशव पार्क में एकत्रित हुए। यहां से बैनर लेकर व नारे लगाते हुए जगाधरी अनाज मंडी गेट के बाद जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे गौरव राणा ने कहा कि देश व समाज आरक्षण की बीमारी से पीड़ित है। इसके कारण सामान्य वर्ग के मेधावी छात्र व छात्राओं को सफलता नहीं मिलती है। हाल ही में हुई आईएएस की परीक्षा में एक छात्रा नम्रता जैन जैसी मेधावी छात्रा जो 99वां रैंक हासिल करके भी आईएएस नहीं बन सकी। उनकी मांग है कि आरक्षण जाति के आधार पर खत्म कर आर्थिक आधार पर दिया जाए। जनरल व ओबीसी समाज को लूटना बंद किया जाए। अन्यथा सभी जनरल व ओबीसी वर्ग की भी पढ़ाई फ्री हो, उनकी भी नौकरियों के लिए भरे जाने वाले फॉर्मों की फीस बंद हो व अन्य आरक्षण मिले। ओबीसी व सामान्य वर्ग एसएसी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव का समर्थन करते हैं। मौके पर दीपक राणा, शेखर राणा, प्रवीण राणा, रिशु राणा, विकास ठाकुर, बंटी, राहुल पंडित, विशाल राणा, रवि राणा, मनोज कुमार, अरुण शर्मा, मंनीष, अर्जुन, काला, सुमित, विशाल, सूर्य, अरविंद्र, हैप्पी व अन्य मौजूद रहे।
क्या पुलिस व अधिकारियों को नहीं पता डीसी के आदेश?
चार अप्रैल को डीसी विजय कुमार की ओर से जिला सचिवालय में प्रदर्शन न किए जाने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए सिर्फ अनाजमंडी स्थान निर्धारित किया था। आदेशानुसार प्रदर्शन करने वालों में सिर्फ चार या पांच लोग ही सचिवालय में आकर अधिकारियों को ज्ञापन दे सकते हैं, लेकिन मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान दर्जनों युवाओं ने सचिवालय में नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही, लेकिन किसी की ओर से डीसी के आदेशों का हवाला देते हुए उन्हें प्रदर्शन करने से नहीं रोका गया वहीं, एसडीएम ने भी बाहर आकर ज्ञापन लिया। बता दें कि जिला सचिवालय की बिल्डिंग में डीसी, एसपी समेत कई सरकारी विभागों के अध्यक्षों व अन्य अधिकारियों के कार्यालय हैं। साथ ही कंट्रोल रूम भी है। जिनका सचिवालय परिसर में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों, सरकारी व गैर-सरकारी सगठनों, कर्मचारी यूनियनों व आम लोगों द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शनों से कामकाज प्रभावित होता है। साथ ही यहां अधिकारियों के पास समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है। इसको मद्देनजर रख डीसी विजय कुमार की ओर से यह आदेश जारी किए गए थे।
साढौरा का बाजार रहा बंद, व्यापारी बोले, बंद हो आरक्षण
साढौरा। भारत वर्ष में आरक्षण को पूरी तरह से खत्म करने की मांग को लेकर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। आरक्षण को समाप्त करने की मांग को लेकर कस्बे के युवाओं ने सुबह ही दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद करने की अपील की। कस्बे के तमाम दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करके आरक्षण समाप्त करने की मांग को जायज बताया। यूथ नवीन जैन, पिंकू, मनोज, नीरज, जितेंद्र, अमन, योगेश व हरिंदर समेत सैकड़ों युवाओं व अन्य लोगों ने कस्बे में जुलूस भी निकाला। जुलूस साढौरा बस अड्डे से सरस्वती स्कूल तक, फिर सरस्वती स्कूल से थाना चौक पर जाकर समाप्त हुआ। मनोज कालड़ा व नवीन जैन ने बताया कि आज आरक्षण अगर देना भी है तो प्रत्येक जाति के गरीब आदमी को मिलना चाहिए। पिंकू व अमन ने कहा कि आरक्षण का लाभ संपन्न लोग ही उठा रहे हैं। आरक्षण के चलते योग्य पढ़े लिखे युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। आरक्षण के कारण से ही समाज में आज भी जात-पात का बोलबाला है। सरकार को आरक्षण को जाति विशेष से नहीं जोड़ना चाहिए, बल्कि हर जाति के सबसे गरीब व्यक्ति को आरक्षण का लाभ देना चाहिए। मौके पर लोगों ने आरक्षण के खिलाफ खूब नारेबाजी की। पुलिस का भी भारी बंदोबस्त रहा।