डीसी ऑफिस का दरवाजा तोड़ दो...वर्करों के नारे सुन पुलिस ने रोका, आधे घंटे चली नोकझोक व धक्का-मुक्की
मिड-डे मील वर्करों ने 23वें दिन एनएच-73 पर फूंका कविता जैन का पुतला, फिर सचिवालय में काटा बवाल
डीसी से मिलने ने देने पर एसडीएम को सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन, बोलीं-मांगें पूरी न हुईं तो 23 को करेंगे आत्मदाह
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/जगाधरी। जगाधरी अनाज मंडी गेट पर मांगों को लेकर 22 दिनों से धरनारत मिड-डे मील वर्कर्स ने 23वें दिन मंगलवार को एनएच-73 पर मंत्री कविता जैन का पुतला फूंका और फिर जिला सचिवालय में बवाल काटा। वर्कर्स ने सचिवालय प्रवेश करते ही डीसी ऑफिस का दरवाजा तोड़ दो....नारे लगाए गए। इसे सुनकर मौके पर मौजूद महिला पुलिस ने वर्करों को सचिवालय में डीसी ऑफिस जोने से रोकने का प्रयास किया। इस बीच वर्कर्स व महिला पुलिस के बीच बहस व नोक-झोक हुई। पुलिस ने उन्हें कहा कि डीसी अंदर मीटिंग ले रहे हैं, लेकिन वर्कर्स अंदर जाने का प्रयास करती रहीं। इसी को लेकर पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हुई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में मिड-डे मील वर्कर्स ने जगाधरी एसडीएम भारतभूषण कौशिक को सीएम खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
बीते 22 दिनों से जगाधरी अनाज मंडी गेट पर धरना दे रहीं मिड डे मील वर्कर्स ने मंगलवार दोपहर पौने एक बजे तक अन्य दिनों की तरह नारेबाजी कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। फिर करीब 80 वर्कर्स जगाधरी अनाजमंडी गेट से राज्यमंत्री कविता जैन के पुतले की शवयात्रा निकाल नारेबाजी करते हुए एनएच-73 (चंडीगढ़-रुडकी) पर सचिवालय के समक्ष आ गईं। इस दौरान उन्होंने कविता जैन का पुतला फूंका। इसके बाद सभी जिला सचिवालय परिसर में पहुंचीं। वर्कर्स की ओर से लगाए गए डीसी ऑफिस के दरवाजे तोड़ दो...के नारे सुनकर मौके पर महिला व पुरुष पुलिस सतर्क हुई। महिला पुलिस ने वर्कर्स को सचिवालय परिसर से बिल्डिंग में जाने से रोक दिया। पुलिस की ओर से कहा गया कि डीसी अंदर मीटिंग ले रहे हैं, इस पर भी वर्कर्स अंदर जाकर डीसी से मिलने की मांग पर अड़ गईं। इसी को लेकर पुलिस और वर्करों की कहासुनी होने लगी और देखते ही देखते नोक-झोक बढ़ने के साथ धक्का-मुक्की होने लगी। कुछ ऐसा ही करीब आधे घंटे तक चलता रहा। बाद में जगाधरी एसडीएम भारतभूषण कौशिक ने बाहर आकर वर्कर्स की समस्याएं सुनीं। जिन्हें वर्कर्स ने सीएम खट्टर के नाम अपनी मांगों को ज्ञापन सौंपा।
पुलिस कर्मियों पर लगाया धक्के देकर निकालने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डीसी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराने के साथ उन्हें सीएम खट्टर के नाम ज्ञापन देना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें सचिवालय परिसर में ही रोक दिया और बिल्डिंग में प्रवेश नहीं करने दिया। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें धक्के देकर निकाल दिया गया।
मांगें पूरा न होने पर 23 को आत्मदाह की दी धमकी
मिड डे मील मजदूर यूनियन के प्रधान हुकमी देवी कांबोज ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पास इतना भी वक्त नहीं है कि वो उनका ज्ञापन ले सके। हमें तो यह भी नहीं पता कि अधिकारी उनका ज्ञापन सरकार को भेज रहे हैं या फिर फाड़ कर कचरे के डिब्बे में डाल देते हैं, इसलिए वर्कर्स डीसी को ज्ञापन देना चाहते थे। काफी देर तक डीसी नहीं आए तो एसडीएम जगाधरी भारत भूषण कौशिक उनसे बात करने पहुंचे, परंतु वर्करों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से मना कर दिया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा समझाने के बाद वह उन्हें ज्ञापन देने को राजी हो गईं। उन्होंने कहा कि कई दिनों से वर्कर्स धरना प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। वर्करों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। अगर सरकार ने जल्द मांगों को पूरा नहीं किया या बातचीत नहीं की तो वर्कर्स 23 मार्च को आत्मदाह करेंगे।
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मिड-डे मील वर्करों की ये हैं मांगे:-
वर्कर्स को 13 महीने वेतन दिया जाए।
डीसी रेट के आधार पर मजदूरी दी जाए।
आंगनबाड़ी वर्करों की तरह वर्दी दी जाए।
कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
फोटो-32 से 36