जमीन अधिग्रहण में किसानों को तुरंत मिलेगा मुआवजा : गडकरी
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कार्यक्रम में तय समय से लगभग दो घंटे देरी से पहुंचे मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सबसे पहले सरस्वती उद्गगम स्थल पर पूजा अर्चना की। उसके बाद सरस्वती यात्रा को हरी झंडी दिखाकर कर रवाना किया गया। उन्होंने आदि बद्री नारायाण मंदिर में जाकर कर पूजा-अर्चना की। बाद में म्यूजियम का निरीक्षण किया। सरस्वती सरोवर में देश की 109 नदियों के जल का अभिषेक किया गया। इसके बाद सरोवर तट पर बनी यज्ञशाला में पूर्णाहुति डाली गई। गडकरी ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जितने भी किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय वैदिक विरासत देश निर्माण में सहायक है। इसी वैदिक विरासत का हमारे देश की युवा पीढ़ी को ज्ञान होना अति आवश्यक है। सरस्वती नदी के विकास के लिए जो भी योजना हरियाणा सरकार की ओर से उनके पास आएगी उस पर तुरंत कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि
वाककरण ओर मोर पंथ ने सरस्वती को धरा पर लाने के लिए लगभग दो दशक पूर्व की प्रयास आरंभ कर दिए थे। उसी दिशा में सरस्वती शोध संस्थान के प्रधान दर्शन लाल का योगदान भी सराहनीय रहा है। उनके प्रयास से ही आज सरस्वती के धरा पर पुन: प्रवाहित होने का सपना साकार होने जा रहा है। नदियों को जोड़ने के लिए केंद्रीय भू जल विभाग मंत्रालय के पास जो भी योजना आएगी, उसे तुरंत मंजूर कर दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सरस्वती के इतिहास को जोड़ने के लिए हरियाणा व हिमाचल मिल कर कार्य की योजना प्रस्तुत करेंगे। इस क्षेत्र को धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ पर्यटन के रूप में भी विकसित करेंगे सरस्वती को पुन: विकसित करना ही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरस्वती नदी आदि बद्री से निकल कर गुजराज की कच्छ की खाड़ी में जाती है, जिसका पूरा ब्योरा राजस्व रिकार्ड में मौजूद है। उन्होंने कहा कि शिवालिक तलहटी व सोमनदी के पानी को सरस्वती की धारा में मिलाया जाएगा। जहां जरूरत होगी नलकूपों का प्रबंध भी किया जा रहा है। कालका से कलेसर तक पूरे क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। बारिश के पानी को रोककर सरस्वती के पानी में प्रवाहित किया जाएगा ताकि पूरा वर्ष नदी में पानी बहता मिले। सरस्वती विकास बोर्ड के माध्यम से कालका से कलेसर तक सभी तीर्थ व धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा, जिसमें कलेशर मंदिर, किला बंदा बैरागी, मोरनी हर्बल पार्क, काला आंब फोशियल को जोड़कर विकसित किया जाएगा। आदि बद्री नारायण मंदिर व केदारनाथ को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल के गांव मात्र व बेहड़ों के साथ हरियाणा सीमा में बनने वाले चैक डैम का निर्माण जल्द ही करवाया जाएगा। लोहगढ़ में मार्शल आर्ट स्कूल व स्मारक का निर्माण करवाया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गंडकरी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित अन्य अतिथियों शाल भेंट व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सरस्वती यात्रा के राजकीय आदर्श संस्कृति विद्यालय में पहुंचने पर स्वागत किया गया। यात्रा आदि बद्री से आरंभ होकर मुस्ताबाद में ठहराव करेंगी। इस मौके पर हिमाचल के विधान सभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, हरियाणा विधान सभा अध्यक्षक कंवरपाल गुर्जर, खाद्य आपूर्िर्ति मंत्री कर्ण देव कांबोज, श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सैनी, इंद्रेश कुमार अखिल भारतीयकार्यकारणी सदस्य राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ, सांसद अंबाला रतनलाल कटारिया, विधायक साढौरा बलवंत सिंह, विधायक यमुनानगरघनश्याम दास अरोड़ा, विधायक रादौर श्याम सिंह राणा, विधायक पंचकुला ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक कालका लतिका शर्मा, भारत भूषणभारती अध्यक्ष हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, दर्शनलाल जैन सरस्वती नदी शोध संस्थान अधयक्ष, जिला उपायुक्त रोहताश सिंह खर्ब, श्रीकांत वालगद हरियाणा सरस्वती विकास बोर्ड व प्रशांत भारद्वाज डिप्टी चेयरमेन सरस्वती विकास बोर्ड सहित अधिकारी गण मौजूद थे।
उद्देश्य को पूरा नहीं करती दादुपुर-नलवी नहर : मुख्यमंत्री
बिलासपुर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दादूपुर नलवी को जिस उद्देश्य से बनाया गया है वह उसको पूरी नही करती है। इसके प्रवाह हमारी स्थानीय नदियाें के प्रवाह को प्रभावित करता है। इस कारण आसपास के गांवों में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है। प्रदेश सरकार का प्रयास है ऐसी योजना बनाई जाए जिससे स्थानीय नदियों के पानी से भूजल को रिचार्ज किया जा सके और उस पानी से यमुनानगर, कुरुक्षेत्र ओर से अंबाला में पानी की कमी को पूरा किया जाएगा।
जिला परिषद चेयरपर्सन को मंच पर जाने से रोका
जिल परिषद चेयरपर्सन रेनू बाला जब मंच पर बैठने के लिए आगे बढ़ी तो मंच के पास ही पहुंचते ही जिला यमुनानगर उपायुक्त व थाना प्रभारी खिजराबाद ने उन्हें मंच पर जाने से मना कर दिया। चेयरपर्सन ने इस पर रोष जताते हुए कहा कि वह जनता के द्वारा चुनी हुई प्रतिनिधि है। जिला प्रशासन द्वारा एक दलित महिला के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है।
दो घंटे देरी से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। इससे लोगाें को भारी परेशानी का सामना करना। लगभग एक बजे तक भी मुख्य अतिथि के आगमन नहीं होने के पश्चात कुछ लोगों ने अपने घर के लिए निकलना शुरू कर दिया। पीने के पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। दोपहर बाद तक कार्यक्रम चलने के बावजूद खाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया था।
फोटो-39