पंचायतें आनलाइन करने का आदेश जारी हुआ तो सरपंच सरकार को देंगे सामूहिक त्यागपत्र
डीसी व विधायक के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेज सरपंच एसोसिएशन ने दी चेतावनी
ज्ञापन देने से पहले पंचायत भवन में बैठक कर लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पंचायतों को आनलाइन करने का फरमान सरपंचों को रास नहीं आया है। पंचायतों के कार्यों को ऑनलाइन करने के आदेश को लेकर सरपंचों में रोष है। इस आदेश को निरस्त करने की मांग को लेकर सरपंच एसोसिएशन ने सोमवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस आदेश को वापस नहीं लिया तो सभी सरपंच अपना सामूहिक त्यागपत्र सरकार को सौंप देंगे।
डीसी व विधायक को ज्ञापन देने से पहले सरपंच एसोसिएशन की पंचायत भवन में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान गुरविंद्र सिंह ने की। प्रधान गुरविंद्र सिंह व सरपंच सुखविंद्र ने बताया कि सरकार ने अचानक ही आदेश जारी कर दिए कि पंचायतों को आनलाइन किया जाए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अचानक आनलाइन करने का जो तुगलकी फरमान सरकार ने जारी किया है उसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। ताकि सरपंचों द्वारा गांवों में करवाए जा रहे विकास कार्यों का भुगतान आसानी से किया जा सके। अगर सरकार इसे लागू करना चाहती है तो पंचायतों को इसके लिए समय दिया जाए और पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाए। इसे लागू करने से पहले गांवों को पहले जेई व ग्राम सचिव दिए जाए। बैठक में फैसला लिया गया कि यदि हरियाणा सरकार इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं लेती तो सभी सरपंच अपना सामूहिक त्याग पत्र सरकार को दे देगें। मौके पर सरगपंच राजेश, रामचंद्र, शिवकुमार, संजय कुमार, मेनपाल, सुभाष चंद, राजपाल आदि मौजूद रहे।
फोटो : 10 से 12