घरों के बाहर मीटर लगाने के विरोध में पंचायत
- रविवार को गुंदयाना में होगी 17 गांवों की महापंचायत
- मुस्तफाबाद ब्लॉक के 17 गांव को रादौर उपमंडल में शामिल किए जाने का भी विरोध कर रहे ग्रामीण
रादौर। गांव गुंदयाना में बुधवार को गुंदयाना व गुंदयानी गांव के लोगों की पंचायत हुई। इसमें बिजली निगम द्वारा घराें के बाहर मीटर लगाए जाने व मुस्तफाबाद ब्लॉक के 17 गांव को रादौर उपमंडल में शामिल किए जाने पर गहरा रोष जताया गया। ग्रामीणों ने मामलों को लेकर सरकार व प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पंचायत में फैसला लिया कि उपरोक्त मामलों को लेकर क्षेत्र के सभी 17 गांव के हजारों लोगों की रविवार को गांव गुंदयाना की धर्मशाला मेें महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके उपरांत सोमवार को सुबह 10 बजे 17 गांव के लोग रादौर में विधायक श्यामसिंह राणा से मिलकर स्थिति से अवगत करवाएंगे। ग्रामीणों ने घोषणा की कि यदि क्षेत्र के लोगों की अनदेखी की गई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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मीटर बाहर लगाने पर नहीं मिली 24 घंटे बिजली
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदयाना, बाबुराम गुंदयाना, जोगिंद्र सिंह, सतीश खुब्बड, सेवा सिंह कश्यप, सतीश वाल्मीकि, सतीश धीमान, देवेंद्र शर्मा ने बताया कि बिजली निगम द्वारा क्षेत्र के बहुत से गांव में बिजली के मीटर घरों के बाहर लगाने की घोषणा करके उन्हें 24 घंटे बिजली देने का वायदा किया गया था। लेकिन जिन गांवों में बिजली के मीटर घरों के बाहर लगाए गए है। उन गांवों में आज भी बहुत कम बिजली मिल पा रही है। बिजली निगम गांव में 24 घंटे बिजली देने का वायदा करके घरों के बाहर मीटर लगा रहा है। घरों के बाहर मीटर लगने पर भी लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में वह अपने गांव में बिजली के मीटर घरों के बाहर नहीं लगने देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार सबसे पहले स्वामी नांथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करें। उसके बाद वह बिजली के मीटर घरों के बाहर लगवाने के बारे में सोचेंगे। किसी भी कीमत पर गांव गुंदयाना के लोग मीटर घरों के बाहर नहीं लगने देंगे। ग्रामीणों ने बताया कि मुस्तफाबाद ब्लॉक के 17 गांवों को सरकार ने रादौर उपमंडल के साथ जोड़ दिया है। उनके गांव से रादौर 20 किलोमीटर पड़ता है। जबकि इस समय वह मुस्तफाबाद पटवार सर्कल में है। जो उनके गांव से मात्र पांच किलोमीटर दूर पड़ता है। क्षेत्र के लोग सरकार की इस नीति का कड़ा विरोध कर रहे है। पंचायत में मुख्य रूप से रघुबीर कश्यप, युधिष्ठर सैनी, राजकुमार, विपिन, साहबसिंह, गोल्डी, रामू, बचनाराम, चंद्रपाल, जोगिंद्र, धर्मपाल, मोहनलाल, सुभाष सैनी, पवन वाल्मीकि, मोहन प्रजापत आदि मौजूद थे।
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