फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर जाकर जलाएं सच्चाई के दीप : मौलाना इब्राहिम देवला

विज्ञापन
विज्ञापन
घर-घर जाकर जलाएं सच्चाई के दीप : मौलाना इब्राहिम देवला
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कांसेपुर में चल रहा तीन दिवसीय राष्ट्रीय तब्लीगी जमात का अधिवेशन शुक्रवार को देश व दुनिया में अमन शांति की दुआ के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में दुआ गुजरात से आए हजरत मौलाना मोहम्मद इब्राहिम देवला ने कराई। तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के विचार विमर्श के इस महासम्मेलन में देश के मुस्लिम समुदाय के करीब दो लाख लोगों ने भाग लिया।
जलसे को संबोधित करते हुए बेंगलुरू के हाजी फारूक ने कहा कि हमें सुनी सुनाई बात आगे नकल नहीं करनी है बल्कि उसकी तफ्तीश की जाए, एक बन कर रहें, दीन व इस्लाम इस चीज का नाम है कि हम अपनी समझ से कोई नई बात न निकालें। जिस तरह काम का तरीका है उसी प्रकार काम किया जाए, घर घर जाकर सच्चाई का दीप जलाएं, कोई कहीं से भी किसी भी रूप में आए खिदमत करें, मदद करें और तरीका समझाएं। हाजी फारूक ने कहा कि संगठन के काम का तरीका और कसौटी कुरान शरीफ और पैगंबर हजरत मोहम्मद का जीवन है। इसके विपरीत चलना और अकेले अपनी राय को महत्व देने वाले इस्लाम के काम करने वाले तरीके से संबंध नहीं रखते। गुजरात के हजरत मौलाना इब्राहिम देवला ने कहा कि हमें जान माल और समय की कुर्बानी देकर ही कुछ सच्चाई का मार्ग दर्शन हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि धर्म का कोई भी काम हम दिखावे के लिए न करें, लोगों को अच्छा लगे ऐसा कार्य दिखावा है और सही बात समझा देना ये तब्लीग है। इस मौके पर नसीम खान खिजरी व जिला परिषद सदस्य शमीम खान, हाजी अमीर हसन नगली, मुस्तकीम कांसेपुर, मेहताब आलम, हाजी निसार अहमद, हाजी अब्दुल गफ्फार, वलियुदीन वली शिमाली, इकराम, अरशद पोसवाल, इसलाम सरपंच, सलीम, जबार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

दो दर्जन से अधिक उलमा व इस्लामिक स्कॉलर ने रखे विचार
तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय तब्लीगी जलसे में दो दर्जन से अधिक उलमा व इस्लामिक स्कालर व मुसलमानों को संबोधित किया। जिनमें विशेष रूप से हजरत मौलाना आकिल शेखुलहदीस सहारनपुर, मौलाना सय्यद शाहिद, हजरत मौलाना अहमद लाट साहब, मौलाना जुहैर दिल्ली, मौलाना अहमद हुसैन, मौलाना सनाउल्ला, मुफती जावेद राणा, मुफती फरीद अहमद, मौलाना इमरान, मौलाना असगऱ, मौलाना अजमल, मौलाना आरिफ कासमी दिल्ली, मौलाना अलीहसन, मौलाना मोहतशिम नदवी आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन

सच्चे मालिक को मानकर जिंदगी जीने पर किया मंथन
जलसे के कन्वीनर व हरियाणा में तब्लीगी जमात के संरक्षक हाजी अब्दुर्रहमान हमीदरा ने कहा कि हमारे उलमा-ए-किराम और तब्लीग के काम से जुड़े साथी यहां इसलिए जमा हो रहे हैं कि हम आपस में मिल बैठ कर इस बात का चिंतन मंथन करें कि हमें सच्चे मालिक को मान कर कैसे जिंदगी गुजारनी चाहिए। इसके लिए आम जन मानस को कैसे समझाया जाए कि वह सच्चे मालिक को खुश करने वाले कामों में दिलचस्पी लेने लगे, किस प्रकार मानने वाले बनें, जिस से हमारी आदत इबादत बन जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें