छठ पूजा कल, निगम प्रशासन को नहीं श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल
- हमीदा हेड पर खराब पड़ी है लाइटें, बाडी माजरा में भी सफाई व्यवस्था बदहाल
यमुनानगर। नगर निगम प्रशासन की लेट लतीफी के चलते इस बार छठ पूजा पर श्रद्धालुओं को अंधेरे में ही पूजा-अर्चना व स्नान करना पड़ेगा। हमीदा हेड पर अब तक खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत नहीं की गई है। यह स्थिति तब है, जबकि इन लाइटों को ठीक करने के लिए निगम को दिवाली से पहले लिखित में दिया जा चुका है। वहीं, इलाके की पार्षद भी कई बार शिकायत कर चुकी है।
छठ पूजा पर हर साल हमीदा हेड पर हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना व स्नान के लिए आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेड पर करीब 26 पोल लगाए गए हैं। इन पोल पर लगी अधिकतर लाइटें खराब पड़ी हैं। यदि इन लाइटों को ठीक न किया गया तो श्रद्धालुओं को अंधेरे में ही स्नान व पूजा-अर्चना करनी पड़ेगी। अंधेरे के कारण कोई हादसा भी हो सकता है। हमीदा हेड पर सड़क की मरम्मत भी नहीं कराई गई है। सड़क की हालत खस्ता होने के कारण श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हेड पर सफाई के नाम पर भी मात्र औपचारिकता निभाई गई है। सफाई कर्मचारियों ने यहां आधी-अधूरी सफाई की है।
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अंधेरे में हादसा हुआ तो नगर निगम होगा जिम्मेदार : पार्षद
पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि हमीदा हेड पर खराब पड़ी लाइटों को ठीक करने के लिए वे पिछले चार दिनों से निगम अधिकारियों को शिकायत दे रही हैं, लेकिन अभी तक लाइटों को ठीक नहीं किया गया है। अंधेरे में पूजा-अर्चना के दौरान यदि यहां कोई हादसा होता है तो इसके लिए निगम प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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बाडी माजरा में भी इंतजाम अधूरे, आज तक नहीं बने घाट
बाडी माजरा में भी छठ पूजा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां भी श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आधे-अधूरे इंतजाम किए गए हैं। पश्चिमी यमुना नहर के किनारों पर लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जिस जगह पर श्रद्धालु वेदियां बनाकर पूजा-अर्चना करते हैं, वहां भी सफाई संतोषजनक नहीं है। नहर किनारों दोनों तरफ घाट बनाने की मांग कई सालों से की जा रही है, लेकिन घाट अब तक नहीं बनाए गए हैं। पूर्वांचल सभा के प्रधान नर्वदेश्वर त्रिपाठी, सचिव राजेश श्रीवास्तव व कोषाध्यक्ष बृजभान सिंह ने बताया कि की प्रशासन की ओर से छठ पूजा के लिए कुछ इंतजाम किए गए हैं, लेकिन यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ये इंतजाम नाकाफी है। नहर के किनारों पर घाट बनाने की मांग कई सालों से की जा रही है। यदि यहां घाट बना दिए जाए तो श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।
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छठ पूजा के दौरान उगते व अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस कारण शाम को व अगले दिन तड़के हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए हेड पर इकट्ठा होते हैं। इस बार 26 अक्टूबर को शाम चार बजे से पूजा अर्चना शुरू होगी। वहीं, अगले दिन सुबह पांच बजे से पूजा-अर्चना की जाएगी।
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