मंडियों में नहीं आ रहा यूपी का धान, किसानों ने ली राहत की सांस
-इस बार यूपी में धान का सरकारी रेट हरियाणा से अधिक
यमुनाननगर/छछरौली। छछरोली अनाज मंडी में धान की खरीद कार्य बडी तेजी से चल रहा है। शुरूआती दिनों में किसानों के सामने पेमैंट व उठान को लेकर कुछ दिक्कत आ रही थी, जो कि अब सुचारू रूप से चल रही है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि इस बार इलाके की मंडियों में यूपी का धान नहीं आ रहा है। इससे पहले हर वर्ष यूपी, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड का धान खिजराबाद व छछरौली मंडियों में भारी मात्रा में आता था। स्थानीय किसान राजीव, कर्मबीर, जसपाल, संजु, रामकुमार, राजेश, पालाराम व राजबीर ने बताया कि हर साल धान व गेहूं के मंडी सीजन में अनाज बेचने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। घर से अनाज लेकर मंडी जाते थे तो दो से तीन दिन लग जाते थे। लेकिन इस बार धान की ट्राली लेकर आते ही मंडी में खाली हो जाती है।
यूपी में सरकारी रेट हरियाणा से 30 रुपये अधिक
इस बार यूपी में धान का सरकारी रेट हरियाणा से तीस रुपये ज्यादा है। इस कारण यूपी के किसान इस बार हरियाणा की मंडियों में नजर नही आ रहे हैं। हरियाणा में धान का सरकारी रेट 1590 प्रति क्विंटल है, जबकि यूपी में धान का सरकारी रेट 1620 रुपये प्रति क्विंटल है।
आढ़तियों के लाखों रुपये फंसे
खिजराबाद मंडी में हर वर्ष तोल का पचास प्रतिशत अनाज यूपी, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड से आता था। इसी अनाज की एवज में में मंडियों में बैठे आढ़ती बाहर के किसानों से भारी भरकम रकम का लेनदेन करते थे। यूपी के किसान मंडी के आढ़तियों से रकम उधार ले जाते थे, जिसके बदले वे आढ़तियों को धान लाकर दे देते थे। इस बार भी किसान फसल लेकर आने के नाम पर आढ़तियों से रकम तो ले गए पर अनाज अपनी लोकल मंडियों में ही
बेच रहे हैं। इससे यहां के आढ़तियों के लाखों रुपये फंस गए हैं। यूपी में धान का रेट बढ़ने से आढ़तियों को अपनी रकम डूबती नजर आ रही है।
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