चिंगारी भड़की तो कौन बचाएगा, दमकलों का पहुंचने में फूल जाएगा दम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर की सड़कें-गलियां अतिक्रमण से तंगहाल हैं, बाजारों का हाल तो और भी बुरा है। यहां छोटी सी चिंगारी भड़की तो बड़ा हादसा हो सकता है, मगर दुकानदार तक जागरूक नहीं हैं। आग से बचाव के साधन यहां ढूंढना मुश्किल है। वहीं अतिक्रमण की वजह से दमकल की गाड़ियों का यहां पहुंचना आसान नहीं है। नतीजतन शहर के बाजार सुरक्षित नहीं हैं, मगर न तो दुकानदार इस दिशा में चेत रहे और न ही नगर निगम अतिक्रमण के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रहा है। वहीं शहर में कहीं भी पार्किंग का इंतजाम न होना भी बड़ी समस्या है, इससे लोग सड़क पर वाहन खड़ा कर समस्या को और बढ़ा देते हैं।
मीरा बाजार : हादसे को दावत दे रहे दुकानदार
मीरा बाजार शहर का सबसे व्यस्त बाजार है। अनुमान के मुताबिक, यहां प्रतिदिन करीब 20 हजार से अधिक लोग खरीददारी करने आते हैं और बाजार की सड़क अतिक्रमण से 15 फीट से पांच फीट की नजर आती है। यह बाजार करीब आधा किलोमीटर लंबा है। बाजार की सड़क के दोनों और दुकानें हैं। सूरते हाल यह है कि बाजार खुलते ही दुकानदार अपना सामान सड़क पर सजा लेते हैं। इससे बाजार से वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। यदि बाजार में कहीं आग लग जाए तो अतिक्रमण के कारण दमकल का पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। करीब तीन साल पहले बाजार के भीतर एक दुकान में आग लग गई थी। अतिक्रमण के चलते दमकल काफी देर तक घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई। फायर ब्रिगेड की ओर से कई बार बाजार के दुकानदारों को जागरूक किया गया और मॉक ड्रिल भी की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता।
रादौर रोड बाजार : तंग गलियों में बने हुए हैं गोदाम
रादौर रोड बाजार में भी अग्निकांड होने पर फायर ब्रिगेड के लिए उसे काबू करना काफी मुश्किल हो सकता है। बाजार में दुकानदारों की ओर से किया गया अतिक्रमण समस्या तो है ही, यहां नियमों और सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी कर तंग गलियों में गोदाम बनाए गए हैं। इन गोदामों में किराना, घी, तेल आदि भरे रहते हैं। कुछ गोदाम तो इतनी तंग गलियों में हैं कि दमकल वाहन का गोदाम तक पहुंचना असंभव है। ऐसे में हादसा होने पर इन गोदामों के आसपास बने आवासीय भवनों को चपेट में आने से बचाना काफी मुश्किल होगा।
खेड़ा बाजार : पार्किंग का इंतजाम न होना भी समस्या
खेड़ा बाजार भी शहर का व्यस्त थोक बाजार है। बाजार पहले ही काफी तंग है। रही सही कसर दुकानदारों ने पूरी कर दी है। यहां दुकानदारों की ओर से किए गए सड़क के अतिक्रमण के कारण बाजार से वाहन लेकर निकलना काफी मुश्किल होता है। वहीं आसपास पार्किंग का इंतजाम न होने से खरीददारी करने आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है। यह बाजार भी काफी लंबा है। बाजार के भीतर कहीं आग लग जाए तो दमकल वाहन को बाजार के अंदर लाने में काफी समय लग जाएगा।
रादौर रोड और खेड़ा बाजार काफी संकरे हैं। यहां के दुकानदारों को अपनी दुकानों पर आग बुझाने के यंत्र रखना अनिवार्य किया जाना चाहिए। फायर ब्रिगेड को बाजार में समय-समय पर मॉक ड्रिल भी करनी चाहिए। बार-बार अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
महेंद्र मित्तल, अध्यक्ष, आल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल।
बाजारों में अतिक्रमण के कारण आग लगने पर फायर ब्रिगेड को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। दिवाली के बाद इसमें सुधार के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। दुकानदारों और प्रशासन को बातचीत कर इसका स्थायी समाधान करना चाहिए।
संजय मित्तल, प्रदेश प्रवक्ता, आल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल।
खेड़ा बाजार में अतिक्रमण की समस्या काफी विकराल हो चुकी है। हमने चार अक्तूबर को डीसी को शिकायत देकर खेड़ा बाजार में दुकानदारों की ओर से किए गए अतिक्रमण को हटवाने की मांग की थी। पत्र में लिखा था कि यदि बाजार में कहीं आग लग जाए तो दमकल वाहन को भीतर आने में काफी समय लग जाएगा। इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
राजेश वर्मा, प्रधान, मैढ सुनार परिषद।
यह सही है कि मीराबाई बाजार, खेड़ा बाजार जैसी तंग जगहों पर अग्निकांड होता है तो दमकल गाड़ी का पहुंचना मुश्किल होगा। यहां बनी दुकानों व गोदामों में फायर सेफ्टी नार्म्स पूरे करने को लेकर समय-समय पर व्यापारियों को जागरूक करते हैं। विभाग की ओर से नार्म्स पूरे न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद दुग्गल, दमकल अधिकारी, यमुनानगर।
दुकानों में अग्निशमन यंत्र रखें
मीराबाई बाजार, खेड़ा बाजार और पुराना रादौर रोड पर सैकड़ों गोदाम और दुकाने हैं। इनमें अधिकांश के पास न अग्निशमन यंत्र तक नहीं हैं और न ही आग बुझाने के लिए कहीं भी रेत भरी बाल्टी और सामान नजर आते हैं, जबकि इनका इंतजाम रखना जरूरी है। इससे बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। अतिक्रमण से बाजारों में तंग जगहों पर दमकल गाड़ियों के न पहुंच पाने पर दिक्क्त बढ़ जाएगी। ऐसे में सड़कों पर दुकान सजाने से परहेज करना चाहिए।
त्यौहारी सीजन को देखते हुए टीमें गठित कर दी हैं, जो इस दिशा में दुकानदारों को जागरूक करने के साथ अतिक्रमण की सूरत में कार्रवाई करेगी।
दीपक सुरा, ईओ, नगर निगम।