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ओवरलोड वाहनों से लाल हो रहे शहर के हाइवे, प्रशासन बेपरवाह

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शहरी बोले- ओवरलोड वाहन हाईवे को कर रहे ‘लाल’, प्रशासन कसे नकेल
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर के बीच से गुजर रहे दो-दो नेशनल हाईवे और उस पर दौड़ रहे तेज रफ्तार ओवरलोड वाहन आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। दिन-रात इन सड़कों से गुजर रहे रेत-बजरी और खनन सामग्री से भरे ट्रकों और डंपरों से हुए हादसों में तीन महीनों में 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस की जांच पड़ताल में ज्यादातर मामलों में हादसे की वजह ओवरलोड वाहनों पर चालक का नियंत्रण छूटने और तेज रफ्तार की बात सामने आई है। इधर, प्रशासन हादसे रोकने के लिए कोई प्रयास करता नजर नहीं आ रहा है।
खनन जोन से प्रतिदिन खनन सामग्री लेकर हजारों वाहन नेशनल हाईवे से गुजरते हैं। लगभग हर वाहन ओवरलोड होता है, अंबाला की ओर जाने के लिए ओवरलोड वाहन जगाधरी शहर के बीच स्थित मटका चौक से गुजरते हैं। इस चौक के दोनों तरफ जगाधरी शहर बसा है। चौक के नजदीक छोटी लाइन पर छह स्कूल हैं। इनमें पढ़ने वाले बच्चे प्रतिदिन मटका चौक से होकर गुजरते हैं। इससे अक्सर जानलेवा हादसे होते हैं। दिन के समय नो एंट्री न होने से खतरा बढ़ा रहता है। लोगों का कहना है कि, यहां दिन में नो एंट्री होनी चाहिए। उधर, जगाधरी बस स्टैंड चौक से विश्वकर्मा चौक तक दिन के समय नो एंट्री होती है, लेकिन रात के समय नो एंट्री हटने पर ओवर लोड वाहन तेज रफ्तार में शहर के बीच से गुजरते हैं। इस हाईवे पर रात के समय ओवरलोड वाहनों की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा चुकी हैं। शहरियों का कहना है कि, अगर रफ्तार पर अंकुश लगे तो हादसों में कमी लाई जा सकती है। हाल यह है कि, करीब तीन महीने पहले रात के समय गाबा अस्पताल के नजदीक एक व्यवसायी की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उनके शव के ऊपर से दर्जनों भारी वाहन गुजरते रहे।
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एक सुर में बोले-शहरी हादसे रोकने के लिए तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर लगे अंकुश
वाहन ओवरलोड होने से अक्सर चालक का वाहन से नियंत्रण छूट जाता है, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। यदि वाहन ओवरलोड नहीं होगा तो सड़कों पर होने वाले हादसे भी कम होंगे। इसके अलावा शहर में तेज रफ्तार दौड़ रहे वाहनों पर अंकुश लगाना होगा।
अवतार सिंह चुघ, जिला संयोजक, सड़क सुरक्षा संगठन
यमुनानगर और जगाधरी में रात के समय भी लोग हाइवे से आते-जाते हैं। हाईवे पर रात के समय आए-दिन लोग भारी वाहनों की चपेट मे आकर मर रहे हैं। दोनों हाईवे पर रात 11 बजे के बाद ही भारी वाहनों को एंट्री देनी चाहिए।
राजेश सेठ, जिला प्रधान हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल
जगाधरी के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे 73 ए पर दिन के समय भी भारी वाहन गुजरते हैं। जब बस स्टैंड से विश्वकर्मा चौक पर दिन के समय भारी वाहनों की नो एंट्री है तो नेशनल हाईवे 73 ए पर भी अग्रसेन चौक से रक्षक विहार चौक तक भारी वाहनों की नो एंट्री होनी चाहिए।
सुंदरलाल बत्तरा, महासचिव, द जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन
खनन सामग्री लेकर जाने वाले ओवरलोड ट्रकों और डंपरों से अक्सर पत्थर सड़क पर गिरते हैं। इन पत्थरों के कारण पीछे आ रहे वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। शहर से ओवर लोड वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होनी चाहिए।
अमरजीत कोहली, पूर्व पार्षद
पिछले 40 सालों में यमुनानगर और जगाधरी शहर की आबादी कई गुना बढ़ चुकी है। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या भी काफी अधिक बढ़ी है। इससे बचने के लिए बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। इसे जल्द से जल्द पूरा कराना चाहिए ताकि शहरवासी सड़कों पर सुरक्षित रहें। - डॉ. अनिल अग्रवाल
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जगाधरी शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे 73 ए पर दिन के समय नो एंट्री का प्रपोजल डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी की अगली मीटिंग में उठाया जाएगा। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास नहीं है।
निर्मल सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर
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