‘उम्र के नौवें दशक में भी समाज सेवा का जुनून’
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। 90 साल की उम्र और गरीबों की मदद का जज्बा समाजसेवी सुमेरचंद सिंगला के जीवन की ऐसी खूबी है, जिसके आसपास भी कम ही लोग पहुंच पाएंगे। वे 39 सालों से गरीबों के जीवन में कुछ बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं। वे अब अक आई कैंप लगवाकर तमाम रूरतमंदों की आंखों का ऑपरेशन करा चुके हैं और सैकड़ों गरीब कन्याओं का विवाह करा चुके हैं। जन कल्याण समिति के संस्थापक सुमेरचंद सिंगला का कहना है कि, उनका सपना है कि मरते दम तक वे समाज के लिए कुछ करते रहें, यह उनका सौभाग्य होगा।
खिजराबाद निवासी सुमेर चंद सिंगला का जन्म पांच जनवरी 1928 को एक गरीब परिवार में हुआ। 14 साल की अल्पायु में ही वे आरएसएस की शाखाओं में जाने लगे, वहीं से उनके मन में देश और समाज सेवा का जज्बा पैदा हुआ। वर्ष 1946 में उन्होंने डाकिये की नौकरी की और 108 गांवों में डाक पहुंचाने का कार्य किया। सुमेर चंद सिंगला ने बताया कि उस समय आजादी के आंदोलन के कारण उनके कुछ साथियों को जेल के नोटिस आ गए जिनमें उनका नाम भी था। लेकिन जब पुलिस उनको गिरप्तार करने आई तो सरकारी नौकरी में होने के कारण उनको गिरफ्तार नहीं किया गया। सुमेर चंद सिंगला ने उसी समय अपनी नौकरी छोड़ दी और अपने साथियों के साथ जेल चले गए। पांच महीने अंबाला जेल में रहने के बाद उन्होंने हिंदी सत्याग्रह आंदोलन में भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। वर्ष 1974 में घर के हालात खराब होने की वजह से वे अपनी बहन के घर लुधियाना चले गए। वर्ष 1975 में देश में लगी इमरजेंसी में भी उन्हें गिरफ्तार किया गया।
39 साल से कर रहे समाज सेवा
समाजसेवा की भावना की वजह से पहली बार वर्ष 1978 में आई कैंप लगाया, जिसमें 90 ऑपरेशन हुए। कैंप लगाने का सिलसिला लगातार वर्ष 2000 तक चलता रहा। सुमेर चंद सिंगला ने बताया कि उन्होंने कैंपों के माध्यम से अब तक लगभग 4500 आंखों के सफल ऑपरेशन कराए। इसके बाद पांच जनवरी 1983 को खिजराबाद में जन कल्याण समिति के अध्यक्ष बनकर आंखों के ऑपरेशन के कैंप लगाए। बाद में गरीब कन्याओं का विवाह कराना भी शुरू किया। जन कल्याण समिति की ओर से अब तक 150 गरीब परिवार की कन्याओं की शादी कराई। सुमेर चंद ने बताया कि जन कल्याण समिति पिछले 34 वर्षों में हर साल गरीब परिवार की लड़कियों की शादियां कराते हैं। सिंगला ने बताया कि समिति की ओर से जो पैसा एकत्रित किया जाता है, उसमें से रुपये बचने पर लगभग 10 लाख रुपये गऊशाला छछरौली को और 2 लाख रुपये गऊशाला बनियांवाला को दान स्वरूप दिए। वहीं खिजराबाद थाने के पास पानी की टंकी निर्माण, चांदसौत बैरियर पर पानी की टंकी और प्रतीक्षालय का निर्माण, बस स्टैंड खिजराबाद के पास पानी की टंकी का निर्माण, हनुमान मंदिर खिजराबाद में दो लाख की लागत से शेड का निर्माण, श्मशान घाट की भूमि में साढे़ चार लाख की कीमत से शेड का निर्माण, बिजली विभाग के कार्यालय में वाटर कूलर आदि समिति ने लगवाए हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर हुए सम्मानित
यमुनानगर में वर्ष 2017 के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने हिंदी आंदोलन में भाग लेने पर सिंगला को सम्मानित किया। रविवार को खिजराबाद के एक स्कूल में आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सुमेरचंद सिंगला से आशीर्वाद लिया था।