जात-पात की दीवारों को गिराकर प्यार का पुल बनाएं : निरंजन सैनी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जन्म के समय बच्चे में धर्म या जात की भावना नहीं होती। जैसे-जैसे वह बड़ा होता है, उसके मन में जात-पात व धर्म इस कदर बसा दिया जाता है कि कई बार वह बुनियादी बातों को भुला देता है। हमें जात पात की दीवारों को गिराना है और प्रेम का पुल बनाकर जीवन जीना है। यह बात संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित सत्संग के दौरान महात्मा एडवोकेट निरंजन सिंह ने अपने प्रवचन में कही।
सत्संग की शुरुआत पावन अवतारवाणी के शब्द गायन से हुई। इसके बाद अनेक संतों महापुरुषों ने भजन, कीर्तन के माध्यम से इंसानियत, भाईचारे का संदेश दिया। अपने प्रवचन में महात्मा निरंजन सिंह सैनी ने कहा कि इंसान को निरंकार परब्रह्म के साथ नाता जोड़ना है। इसके साथ नाता जोड़ कर अपने जीवन को सफल बनाना है, क्योंकि आत्मा के कल्याण के लिए और मन की सुंदरता के लिए यह अनिवार्य है। उधर, गांव शहजादपुर स्थित ब्रांच बुड़िया के संत निरंकारी भवन स्थल पर मुखी महात्मा अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। मंच संचालन महात्मा विश्वास ने किया।