स्कूलों से हटाए जाने पर भड़के अतिथि शिक्षक, स्पीकर आवास पर हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कोर्ट के आदेश पर स्कूलों से हटाए जाने के बाद भड़के अतिथि अध्यापकों ने शुक्रवार को स्पीकर आवास पर खूब हंगामा किया। नाराज अतिथि शिक्षकों ने अर्धनग्न होकर स्पीकर आवास के पास प्रदर्शन किया। बाद में आगे बढ़े तो पुलिस ने बैरीकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस पर पुलिस से भिड़ंत हो गई, दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद अतिथि अध्यापकों ने रेलवे रोड पर रोष मार्च निकाला। उधर, लंढौरा गांव के प्राइमरी स्कूल पर ग्रामीणों ने ताला लगाकर नारेबाजी की।
स्कूलों से हटाए गए सैकड़ों अतिथि अध्यापक शुक्रवार शाम करीब चार बजे रेलवे रोड पर सफायर होटल के नजदीक एकत्रित हुए। अतिथि अध्यापकों ने जिला प्रधान नितिन लांबा की अध्यक्षता में नारेबाजी की। अतिथि अध्यापकों ने सड़क किनारे खड़े होकर पहले अपनी शर्ट उतारी। इसके बाद स्पीकर कंवरपाल के निवास की तरफ कूच किया। रेलवे रोड से स्पीकर निवास को जाने वाली सड़क पर पुलिस ने पहले से ही बैरिकेड लगा रखे थे। जैसे ही अतिथि अध्यापक बैरिकेड के नजदीक पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया। इस पर अतिथि अध्यापकों ने बैरिकेड को धक्का लगाकर हटाने की कोशिश की। उधर, पुलिस ने भी धक्का लगाकर बैरिकेड को हटाने से रोके रखा। इस पर पुलिस और अतिथि अध्यापकों के बीच धक्कामुक्की हो गई। पुलिस फोर्स की तैनाती के चलते अतिथि अध्यापक विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय की तरफ जाने में विफल रहे। इसके बाद सभी अध्यापक अर्धनग्न होकर ही रेलवे रोड पर ईएसआई अस्पताल की तरफ नारेबाजी करते हुए निकल पड़े। रेलवे रोड पर रोष मार्च करते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद ईएसआई अस्पताल के सामने बने कट से वापस मुड़ गए। रेलवे रोड पर स्पीकर कार्यालय के सामने सड़क पर बैठ नारेबाजी करने लगे।
लंबे समय से कर रहे संघर्ष
अतिथि अध्यापकों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिले के 671 गेस्ट टीचरों को सरकार से मिल रहे आश्वासनों के बाद भी रिलीव कर दिया गया और उनके स्थान पर नवनियुक्त जेबीटी को स्कूल दिए जाने लगे। बता दें कि करीब 11 साल से सेवाएं दे रहे जिले के करीब 671 गेस्ट टीचर नौकरी न हटाए जाने और उन्हें स्थाई करने की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।
पुलिस के बर्ताव से शिक्षक आहत हैं
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के जिला प्रधान नितिन लांबा ने बताया कि वह शांतिपूर्वक स्पीकर से अपनी बात करने आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें स्पीकर आवास से कुछ दूरी पर ही बैरिकेडिंग कर रोक लिया। इस बीच पुलिस की ओर से महिलाओं सहित अन्य अतिथि अध्यापकों से धक्का-मुक्की भी की गई। उन्होंने कहा कि नौकरी से हटाए जाने पर परिवार का गुजारा कैसे हो, इस बात का लेकर सभी परेशान हैं। उस पर प्रशासन व पुलिस के बर्ताव से सभी आहत होकर फूट-फूट कर रोने लगे।
शिक्षा मंत्री व बोर्ड के सचिव के झूठे मिले आश्वासन
रोष प्रदर्शन कर रहे उज्वल, शशिबाला, मनोज, हरीचंद, दीपक शर्मा, कमल, किरण, राजीव शर्मा, सुमन बख्शी, विनोद रपोली, रामपाल, ललित शर्मा, रितेश दत्ता ने बताया कि बीते सप्ताह भी उन्होंने दो बार स्पीकर आवास के नजदीक प्रदर्शन किया था। उस समय स्पीकर कंवरपाल द्वारा उनकी फोन पर शिक्षा विभाग के असिस्टेंट चीफ सेक्रेट्री केके खंडेलवाल से बात कराकर समस्या के स्थाई समाधान का आश्वासन दिलाया था। इसके बाद शिक्षा मंत्री रामबिलास से भी फोन पर आश्वासन दिलाया था। लेकिन ये आश्वासन झूठे निकले।