मंडी में कृषि मंत्री कर रहे थे बखान, बाहर सरकार के खिलाफ गरजे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जगाधरी अनाजमंडी में रविवार को भाजपा किसान मोर्चा की ओर से किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जोर-शोर से शुरू किए गए इस सम्मेलन का मजा किसानों ने किरकिरा कर दिया, हालांकि बाद में कृषि मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनकी नाराजगी को कम करने की कोशिश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे हरियाणा कृषि मंत्री ओपी धनखड़, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री कर्ण देव कांबोज, स्पीकर कंवरपाल, अंबाला सांसद रतन लाल कटारिया आदि प्रदेश सरकार की योजनाओं का बखान करते रहे और बाहर दादूपुर नलवी नहर बंद न करने की मांग को लेकर किसान प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन में राष्ट्रीय किसान महासंघ कोर कमेटी के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी भी शामिल रहे। अनाजमंडी में जहां सरकार के पक्ष में जयकारे लग रहे थे, वहीं बाहर किसान सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान किसान नेताओं ने मंत्री को भाजपा जवाब दो.. पंफलेट दिया।
पूरी तरह जोखिम फ्री है हरियाणा का किसान
किसान सम्मेलन में हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा के किसान को हमने जोखिम फ्री बनाया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसका किसान या तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कवर है या फिर 12 हजार प्रति एकड़ की मुआवजा योजना में कवर है। उन्होंने कहा कि अपने आप को किसानों का हितैषी कहने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा सुविधाएं देने की बात कहते रहे, जबकि हमने किसानों के लिए वास्तव में इसे करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हर खेत को पानी देने के संकल्प को पूरा करने में जुटी है। धनखड़ ने कहा कि हम स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू कर रहे हैं।
2022 तक प्रति एकड़ एक लाख आमदनी करने का है सपना
कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि, किसान को संपन्न बनाने के लिए पैरी अर्बन एग्रीकल्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के तीन तरफ दिल्ली है। हमारे किसान दो से तीन घंटे में अपने ताजा उत्पाद दिल्ली के हर घर तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक औसत के अनुसार दिल्ली की आबादी सालाना 36 हजार करोड़ रुपये सामान्य किसानों के उत्पादों पर खर्च करती है। इस लिहाज से हमारा 27 हजार करोड़ रुपया प्रति साल किसानों के पास आना चाहिए। इसके लिए किसान अपने फल, फूल, सब्जी, दूध, पोल्ट्री उत्पाद, मछली जैसे उत्पाद सीधे बिक्री करने में लगे हैं। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के अलावा अन्य बड़े सपने के हम देख रहे हैं । हम ऐसी व्यवस्था करना चाहते है कि किसानों को प्रति एकड़ प्रति वर्ष एक लाख की आय हो।
ऑर्गेनिक खेती को दे रहे बढ़ावा
कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि हरियाणा में 340 बागवानी गांव बना रहे हैं। कुल 517 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में किसानों के उत्पाद एक स्थान पर लाने के लिए 140 क्लस्टर बना रहे हैं। प्रदेश की खेती योग्य भूमि में से एक चौथाई भूमि को बागवानी पर ले जाना चाहते हैं। आर्गेनिक खेती को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव वाली भूमि पर हम मछली पालन करके किसानों को लाभ देने की योजना पर काम कर रहे हैं। फसल बीमा योजना की जानकारी किसानों को देते हुए धनखड़ ने कहा कि 230 करोड़ का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा किसानों को 1095 करोड़ गेहूं की और 995 करोड़ कपास की फसल खराब होने पर दिया गया।
नए लाइसेंस जारी होने से बढ़ेंगे पॉप्लर के रेट, रोजगार भी मिलेगा : स्पीकर
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर कंवर पाल ने कहा कि सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। कांग्रेस सरकार के समय में जो धान, पॉप्लर और अन्य फसलों के दाम थे, सभी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में हर तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को पॉप्लर के उचित दाम मिले, इसके लिए सरकार जिला में पॉप्लर आधारित उद्योग लगाने के लिए लाइसेंसे जारी कर रही है। करीब 1500 नए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।
सम्मेलन में इन्होंने भी किया संबोधित
किसान सम्मेलन में रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा, यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व साढौरा के विधायक बलवंत सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष समय सिंह भाटी, हरियाणा किसान आयोग के सदस्य श्याम भास्कर, भाजपा नेता प्रदीप अग्रवाल सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम आयोजक भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष जसविद्र सिंह अमली ने मंच संचालन किया। मौके पर जिला परिषद की अध्यक्षा रेणू बाला, जिला किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष सचिन गुर्जर, भाजपा जिला महामंत्री राजेश सपरा, पार्षद संगीता सिंघल, अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल इंजीनियर, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा प्रोमिला बख्शी सहित भाजपा के वरिष्ठ एवं युवा नेतागण, सभी मंडलों के भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी, कृषि उप निदेशक डॉ. आदित्य डबास सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।