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शहीदों की मूर्ति खंडित करने पर भडक़े लोगों ने किया प्रदर्शन

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शहीदों की प्रतिमा खंडित किए जाने पर भड़के लोग, प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/रादौर। इंकलाब मंदिर गुमथला में शहीद उधम सिंह कांबोज और भगत सिंह की प्रतिमा खंडित किए जाने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वीरवार को खफा कांबोज समाज के लोगों ने प्रधान रणबीर सिंह मंधार और पूर्व प्रधान कमल चमरोड़ी के नेतृत्व में एसडीएम रादौर डॉ. पूजा भारती को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। लोगों ने प्रदर्शन भी किया। बाद में एसडीएम से आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराने की मांग की।
प्रधान रणबीर सिंह मंधार और कमल चमरोड़ी ने कहा कि असामाजिक तत्वों ने प्रतिमा तोड़कर बेहद घिनौनी हरकत की है। यह समाज में भाईचारा खत्म करने की भी कोशिश है, कांबोज समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। शहीद उधम सिंह और शहीद भगतसिंह को भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर सरपंच संधाली सुभाष कांबोज, कमल चमरोड़ी, सुलेखचंद कांबोज, सुभाष जयपुर, लालसिंह राझेड़ी, नाथीराम दोहली, जयप्रकाश कांजनू, राजेश कांबोज, शिवकुमार संधाला, विपिन चमरोडी, सुलेखचंद, नरेंद्र सिंह, जोगिंद्र कांबोज आदि मौजूद रहे।
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डीसी से मिला प्रतिनिधिमंडल, शाम को निकाला कैंडल मार्च
रादौर। स्वतंत्रता दिवस पर इंकलाब मंदिर गुमथला में शहीद भगत सिंह और शहीद उधम सिंह की मूर्तियों को असामाजिक तत्वों की ओर से खंडित किए जाने के मामले को लेकर गुरुवार को हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी का प्रतिनिधिमंडल एडवोकेट वरयामसिंह, अनेज कांबोज दामला के नेतृत्व में डीसी रोहतास सिंह खरब से मिला। डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांग पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। बाद में गुरुवार शाम छह बजे इंकलाब मंदिर गुमथला में सामाजिक संगठनों के सदस्य जुटे और शहीदों की प्रतिमा को खंडित किए जाने के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च के दौरान सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग थाना जठलाना में थाना प्रभारी से मिलेंगे। उधर, सरपंच एसोसिएशन रादौर ने भी बैठक कर घटना की निंदा की।
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देशद्रोह का केस दर्ज कराने को होगा संघर्ष
इंकलाब मंदिर गुमथला के संस्थापक वरयाम सिंह ने कहा कि जब तक थाना जठलाना पुलिस मामले को लेकर देशद्रोह की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती तब तक वह अपने साथियों के साथ संघर्ष करेंगे। उन्होंने इस मामले में राजनीतिक दलों की चुप्पी को लेकर नाराजगी जाहिर की। कहा कि, इस मामले के बाद अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आया।
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