प्रदेश में ढाई करोड़ और यमुनानगर में रोपेंगे सवा लाख पौधे : गोयल
यमुनानगर। मैदानी राज्यों का वन क्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्र का 20 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि प्रदेश में वन क्षेत्र 6.49 प्रतिशत है। यही वजह है कि पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिहाज से प्रदेश भर में पौधरोपण अभियान चलाया गया है। जिसके तहत ढाई करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह बात पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने डीएवी गर्ल्स कॉलेज में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में कहा। कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ विभा गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इससे पूर्व मंत्री ने डीएवी कालेज परिसर में पौधे भी रोपे।
विपुल गोयल ने कहा कि, यदि हम पौध रोपण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेंगे और साथ ही पेड़ों की देखभाल पर ध्यान नहीं देंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से आज ओजोन परत का छेद बड़ा हो रहा है। इससे हानिकारक किरणें पृथ्वी पर पहुंच रही हैं। कहा कि, पर्यावरण प्रदूषण से पृथ्वी का तापमान भी बढ़ रहा है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे पौधा रोपने के बाद करीब एक साल तक उसकी देखभाल अवश्य करें। कहा कि प्रदेश में वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिहाज से प्रदेश सरकार की ओर से पौधरोपण अभियान चलाया गया है। जिसके तहत एक हरियाणवी एक पौधा का नारा दिया गया है। कार्यक्रम के तहत यमुनानगर में सवा लाख फलदार पौधे रोपित किए जाने हैं, जबकि प्रदेश में 30 अक्तूबर तक ढाई करोड़ पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। साढौरा विधायक बलवंत सिंह ने पौधों को जीवन की संजीवनी बताया और अधिक से अधिक पौधे रोपित करने का आह्वान किया। प्रिंसिपल डॉ. विभा गुप्ता ने कॉलेज की उपलब्धियों की जानकारी दी। साथ ही मुख्य अतिथि व अन्य को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र शर्मा, एसडीओ विरेंद्र पुनिया व नरेश शर्मा ने योगदान दिया।