बादलों ने स्टूडेंट्स की ‘उम्मीदों पर फेरा पानी’, नहीं देख पाए उल्कापात
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बादलों ने उल्कापात देखने की स्टूडेंट्स की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बादलों की वजह से स्टूडेंट्स इस नजारे को नहीं देख पाए, अब उन्हें अक्तूबर और नवंबर में होने वाली इस खगोलीय घटना का इंतजार करना होगा। इससे पहले सीवी रमन विज्ञान क्लब के सदस्य अंधेरा होते ही शहर की सरोजनी कॉलोनी में एकत्र हो गए। क्लब के समन्वयक दर्शन लाल बावेजा ने क्लब सदस्यों को टेलीस्कोप की प्रारंभिक जानकारी दी। उनको टेलीस्कोप का प्रयोग करना सिखाया। बच्चों ने टेलीस्कोप के व्यू फाइंडर से ऑब्जेक्ट को सर्च करना और फोकस करना सीखा। बच्चों ने दूरदर्शी के प्राइमरी और सेकेंडरी मिरर को समायोजित करना भी सीखा, लेकिन उल्कापात का नजारा नहीं दिखाई दिया। बावेजा ने कहा भले ही बालक उल्कापात न देख सके लेकिन इस समय का सदुपयोग करते हुए खगोलविज्ञान पर एक बेहतर चर्चा हुई। मोबाइल एप के जरिये ग्रहों को जीपीएस के साथ सर्च करना सीखा। बच्चों ने रात्रि में आकाश दर्शन संबंधित टिप्स प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि अब बच्चे 21 अक्तूबर ओरिओनियड, 16 नवंबर लिओनियड उल्कापात देखेंगे। मौके पर प्रणव, अभिनव, पार्थवी, अर्श सैनी, अंश, काजल, पारस बतरा, पलक, छवि चौहान, ध्रुव, अनुष्का कांबोज, दृष्टि, मानसी, हिमांशी बतरा, ग्रेसी, इंदु अरोड़ा क्लब सदस्य मौजूद रहे।