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बारिश से निचले इलाकों में भरा पानी, किसानों के चेहरे खिले

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ट्विनसिटी में झमाझम बारिश से निचले इलाकों में भरा पानी, खूब हुई फजीहत
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ट्विनसिटी पर पिछले दिन बादल मेहरबान रहे। रविवार रात जो बारिश शुरू हुई रुक-रुककर सोमवार दोपहरत तक होती रही। इस बीच कभी झमाझम तो कभी रुक-रुककर बारिश होती रही। जिलेभर में 21 एमएम बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। जल निकासी का बेहतर इंतजाम न होने से निचली कॉलोनियों में जलभराव हो गया। सबसे अधिक परेशानी जगाधरी में निचली कॉलोनी के लोगों को हुई। जहां कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। इससे लोगों की खूब फजीहत हुई। इस दरम्यान सबसे अधिक बारिश सरस्वती नगर में 35 एमएम दर्ज की गई। हालांकि लंबे समय बाद हुई तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
रविवार रात से रुक रुक कर हो रही बरसात सोमवार दोपहर बाद रुकी। ट्विनसिटी में सोमवार सुबह करीब सात बजे के बाद से झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक जारी रही। इसके बाद दोपहर एक बजे तक बूंदाबांदी होती रही। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में सबसे अधिक बारिश सरस्वती नगर में 35 एमएम रिकार्ड की गई। जगाधरी में 24, रादौर में 23, छछरौली में 10, साढौरा में पांच और सबसे कम बिलासपुर में चार एमएम बारिश रिकार्ड की गई। दोपहर एक बजे बारिश रुकी, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए थे। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार बने हैं।
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यहां हुआ जलभराव
बरसात की वजह से यमुनानगर व जगाधरी के निचले इलाकों की कई कॉलोनियों में लोगों के घरों में पानी घुस गया। शहर के लाजपत नगर, सुंदर व सरस्वती विहार, शिव नगर, कैंप, गुलाब नगर, जसवंत कालोनी, विजय कालोनी, आजाद नगर, इंद्रा गार्डन, अमरपुरी कालोनी, लक्ष्मी नगर, जोगिंद्र नगर में जलभराव देखा गया। इसके अलावा जगाधरी की सिविल लाइन व रेस्ट हाउस रोड पर सड़कों पर जलभराव नजर आया।
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बुड़िया क्षेत्र में 20 दिन बाद हुई बारिश
हालांकि बीते दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में बारिश होती रही, लेकिन बुड़िया क्षेत्र में करीब 20 दिन बाद अच्छी बारिश हुई। जिसके बाद किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसान राजपाल, गुरदेव, जसविंद्र सिंह आदि ने बताया कि इन दिनों धान की फसल को सिंचाई की बहुत आवश्यकता होती है। लेकिन बारिश न होने से उन्हें इंजन ट्यूबवेल से रोजाना धान की सिंचाई करनी पड़ रही थी।
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