हरियाणा में खत्म होता जा रहा सरकारी नौकरी का क्रेज, महज 60 फीसदी ने दी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। एक तरफ तो देशभर में सरकारी नौकरी के लिए मारामारी मची है, महज कुछ पदों के लिए लाखों की संख्या में आवेदन आते हैं। पद के लिए जरूरी अर्हता से बड़ी डिग्री रखने वाले और प्रोफेशनल डिग्री धारक अभ्यर्थी भी सरकारी नौकरी की कतार में लगे रहते हैं, वहीं हरियाणा में सरकारी नौकरी का क्रेज खत्म होता नजर आ रहा है। यहां एचएसएससी की ओर से आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से रविवार को आयोजित परीक्षा से युवाओं ने दिलचस्पी नहीं दिखाई, महज 60 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इससे पहले पिछले रविवार को आयोजित खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक पद पर महज चालीस फीसदी आवेदकों ने परीक्षा देने में रुचि दिखाई थी। इस संबंध में आवेदक काफी दूर सेंटर दिए जाने को भी जिम्मेदार ठहराते हैं, मगर जो भी हो, ये हालात मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
15 हजार अभ्यर्थियों ने आजमाई किस्मत
प्रदेशभर से करीब 15 हजार प्रतिभागियों ने रविवार को जिले में बने परीक्षा केंद्रों पर एचएसएससी की ओर से ली गई आबकारी एवं कराधान विभाग में निरीक्षक पद की लिखित परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा सुबह और दोपहर दो सत्रों में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद रहे और केंद्रों का निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे। वहीं कड़ी चेकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने दिया गया। बता दें कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की ओर से आबकारी एवं कराधान विभाग में निरीक्षक पद की परीक्षा ली गई। जो दो सत्र सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे और दोपहर तीन से 4:30 बजे तक संपन्न हुई। इसमें प्रदेश भर के साढ़े 23 हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लेना था, लेकिन इसमें से करीब 60 प्रतिशत ही परीक्षा देने पहुंचे।
शनिवार से ही पहुंचने लगे थे अभ्यर्थी
विभिन्न जिलों से कई परीक्षार्थी शनिवार शाम से ही यमुनानगर पहुंचने लगे थे, जिन्होंने परीक्षा केंद्रों के आसपास होटल या धर्मशालाओं आदि में रात बिताई। वहीं, रविवार सुबह परीक्षा से घंटों पहले ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ जुट गई। पहले सत्र की परीक्षा के लिए केंद्र में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर की मदद से कड़ी चेकिंग की गई। इस दौरान उन्हें पहचान पत्र व रोल नंबर स्लिप ले जाने की ही अनुमति दी गई। जबकि उन से मोबाइल, बेल्ट, घड़ी, चूड़ी-कंगन, टॉप्स आदि समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहर ही रखवा दिए गए।
प्रशासनिक अधिकारी भी दिखे मुस्तैद
परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। वहीं केंद्रों पर नकल रोकने के लिए दर्जन भर केंद्र इंचार्ज और आब्जर्वर की नियुक्ति की गई थी। परीक्षा के लिए नियुक्त छह ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी दिनभर मुस्तैद दिखे। अधिकारियों ने दोनों सत्र की परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण कर जायजा लिया। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर जिला पुलिस ने जगह-जगह नाके लगाए वहीं, पेट्रोलिंग पार्टियां भी गश्त करती रहीं। इसी तरह बाहर से आने वाले वाहनों से सड़कों पर बढ़े दबाव में जाम की स्थिति से निपटने के लिए भी सभी चौक-चोराहों पर पुलिस कर्मी विशेष रूप से तैनात नजर आए।
परीक्षा केंद्रों पर आबकारी एवं कराधान विभाग में निरीक्षक पद की परीक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। इसमें 60 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में नकल रोकने व सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन पूरी तक सतर्क रहा। यातायात के व्यवस्थित संचालन के लिए पुलिस कर्मी विशेष रूप से तैनात किए गए थे।
गगनदीप सिंह, डीडीपीओ, यमुनानगर।