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जान हथेली पर रखकर रेलवे फाटक करते हैं पार

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जान हथेली पर लेकर कर रहे फाटक पार
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अमर उजाला ब्यूरो
सरस्वती नगर। मुस्तफाबाद रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर न होने से लोगाें को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फाटक पर घंटों खड़ी रहने वाली मालगाड़ी समस्या को और बढ़ा रही हैं। इससे परेशान लोग जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के नीचे से गुजरने को मजबूर हैं।
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खंड के अनेक गंावों से होकर जाने वाली सड़क जो एनएच 73 अम्बाला-जगाधरी मुख्य मार्ग को जीटी रोड से जोड़ती है, इसके मध्य में मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे फाटक है। इस रेलवे स्टेशन पर आकर रुकने वाली मालगाड़ियों के कारण यह रेलवे फाटक 24 घंटों में तकरीबन 20 घंटे बंद ही रहता है। बंद रेलवे फाटक पर अक्सर मालगाड़ी खड़ी रहती है। घंटों फाटक बंद होने से लोगाें को खड़ी हुई मालगाड़ी के नीचे से जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है। कई सालों से स्थानीय लोग और विभिन्न संगठन रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर बनाने की मंाग कर रहे हैं। मुस्तफाबाद के पूर्व सरपंच अक्षय अग्रवाल ने बताया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कई बार केंद्रीय मंत्रियों, सांसद और विधायक के समक्ष इस समस्या को रखा था। समाज सेवी चरणजीत पराशर ने बताया कि उन्होंने कई बार मुस्तफाबाद खंड के अंर्तगत पड़ने वाली सभी ग्राम पंचायतों से हस्ताक्षर करवाकर इस समस्या के बारे में रेल मंत्रालय को लिखित रूप से अवगत करवाया था, लेकिन आज भी यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। समाजसेवी सिंग राम सैनी ने बताया कि रेलवे फाटक पर मालगाड़ी के लंबे समय तक खड़ा होने से लोगाें को 2-3 किलो मीटर की दूरी से चक्कर काटकर गंतव्य पर आना पड़ता है। क्षेत्रवासी नैब सिंह सैनी युवा नेता भाकियू, महिंद्र सिंह, ओमप्रकाश गुंदियानी, डॉ. करनैल सिंह, जसमेर सिंह, बिच्छा राम, सतीश कुमार, हुकम चंद, शेर सिंह रपौली, मेघदास गढ़ी गौसाई, सुनीता रानी सरपंच ऊंचा चंदना, अमरजीत सिंह, मोहित कुमार सरपंच मुस्तफाबाद आदि ने रेल मंत्रालय व केंद्र सरकार से मांग की है कि अति शीघ्र स्थानीय रेलवे फाटक पर फलाई ओवर बनवाया जाय।
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