फैलने लगा मलेरिया, अब तक 94 केस
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अभी बारिश शवाब पर भी नहीं पहुंची कि, मलेरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। सरकारी आंकड़ों में ही 94 केस सामने आ चुके हैं, जबकि मलेरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इधर, बारिश के बाद खाली प्लाट में भरे पानी से जलजनित रोगों के फैलने का और खतरा मंडरा रहा है।
बता दें कि, ट्विनसिटी में शायद ही कोई ऐसी कॉलोनी होगी, जिसमें कोई खाली प्लॉट और बंद मकान न हो। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद खाली प्लॉट और बंद मकानों की छतों पर पानी जमा हो गया है। इनमें मच्छर पनप रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालात पश्चिमी यमुना नहर की पटरी से लगती चार कॉलोनियों के हैं। इनमें शांति कॉलोनी, आजादनगर, यमुना विहार और दशमेश कॉलोनी शामिल हैं। पटरी से लगते अधिकांश एरिया में खाली प्लॉट हैं।
निजी अस्पतालों में भी मलेरिया रोगियों की बढ़ी संख्या: बरसात के सीजन के साथ ही मलेरिया फैलने लगा है। अब तक मलेरिया के 94 केस सामने आ चुके हैं। अभी तक डेंगू का कोई कंफर्म केस नहीं आया है। हालांकि यह आंकड़ा सरकारी है, अगर इसमें निजी अस्पतालों के मरीजों की संख्या जोड़ ली जाए, तो तथ्य चौंकाने वाले हो सकते हैं।
हालात बिगड़ने से पहले कराई जाय फॉगिंग: यमुना विहार कॉलोनी के राजकुमार, अश्वनी शर्मा और दशमेश कॉलोनी के सतिंद्र, ब्रिजेश, सचिन ने मांग है कि, बीते वर्षों जिले में सबसे अधिक मलेरिया और डेंगू के केस इसी क्षेत्र से सामने आए थे। बरसात में फिर से क्षेत्रवासियों को डेंगू और मलेरिया फैलने का डर सता रहा है। प्रशासन को फॉगिंग करानी चाहिए। आजाद नगर के बलवंत ने मांग की कि, प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे।
हम जागरूक कर रहे, दवा छिड़काव का जिम्मा निगम का
खाली प्लॉट में जमा बरसात के पानी में छिड़काव के लिए स्प्रे और अन्य दवाएं नगर निगम को उपलब्ध करवा दी जाती हैं। इसके छिड़काव का जिम्मा नगर निगम का ही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया को लेकर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ, यमुनानगर।