संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली गांव में टाइफाइड काबू नहीं हो पा रहा है। बुधवार को 13 नए और के सामने आए हैं, ऐसे में रोगियों की संख्या 78 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है।
टीम ने 200 घरों का सर्वे किया जिनमें 90 ओआरएस के पैकेट बांटे गए। इसके अलावा 40 के खून के सैंपल लिए गए हैं जिन्हें लैब में भेजा गया है। वहीं विभाग की तरफ से 65 स्लाइडें बनाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने वायरल बुखार का कारण जनस्वास्थ्य द्वारा पीने का पानी सही न होना माना है।
बरहाल, स्वास्थ्य विभाग ने वायरल बुखार पर लगाम लगाने के लिए एएनएम तथा आशा वर्करों तथा सैंपल लेने वाली टीमों को फील्ड में उतार दिया है। जिन लोगों को थोड़ी बहुत वायरल बुखार की लक्षण दिखाई दे रहे, उनके भी खून की जांच की जा रही है। तेजली गांव निवासी संजीव कुमार और रामचंद्र ने बताया कि कई दिनों से घरों में पीने का पानी गंदा आ रहा है। लोगों को शक है कि गांव में जो सीवरेज लाइन डाली गई है, उसका पानी लीक होकर पेयजल की लाइन में मिल रहा है। जिससे लोग टाइफाइड और वायरल बुखार की चपेट में आए हैं। रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।