संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में होने वाले विकास कार्यों के लिए नगर निगम अफसर की जुबान से फंड कमी का बहाना नहीं सुनाई देगा, चूंकि गत वर्ष से नगर निगम के आय-व्यय का बजट 4.18 करोड़ रुपये बढ़ने के साथ विकास कार्यों के खर्च का बजट भी बढ़ा है। इससे वित्तवर्ष 2025-26 के दौरान शहर में कई विकास परियोजनाएं सिरे चढ़ने की संभावनाएं हैं।
नगर निगम अफसरों ने वित्तवर्ष 2025-26 के बजट में भूमि या भवन खरीदने के लिए 41 करोड़ रुपये खर्च रखा है, जो गत वर्ष 18.30 करोड़ रुपये था, पर इसमें भी खर्च शून्य रहा। इस बार इस मद के लिए गत वर्ष से करीब ढाई गुना अधिक खर्च राशि रखी गई है। इन भूमि व भवन की खरीद से कई विकास कार्य हो सकेंगे।
साथ ही एक साल में शहर के स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल्स की व्यवस्था सुधरने के साथ शहर में सीसीटीवी कैमरे लगने की उम्मीद भी बढ़ गई है, चूंकि इसके लिए 19.88 करोड़ रुपये खर्च का बजट रखा गया है। हालांकि गत वर्ष में स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल्स व सीसीटीवी कैमरों के लिए 35 करोड़ रुपये खर्च का बजट था, पर 1.58 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए।
इसी तरह शहर में गलियों व सड़कों के निर्माण के लिए 14 करोड़, एसटीपी, सीवरेज सिस्टम व पेयजल के लिए पांच करोड़, लाइब्रेरी के निर्माण व नवीनीकरण के लिए चार करोड़, चौकों व स्वागतद्वार के सुंदरीकरण के लिए तीन करोड़, दुकानों, मार्केट, नालों, डेयरी कांप्लेक्स के मरम्मत व विकास के लिए दो करोड़, वाहन, मशीनरी, उपकरण खरीदने के लिए दो करोड़, श्मशान घाटों के निर्माण के लिए दो करोड़ खर्च किए जाएंगे।
कम्युनिटी सेंटर निर्माण के लिए एक करोड़, निगम के भवनों के निर्माण के लिए एक करोड़, जोहड़-तालाब निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये खर्च का बजट रखा गया है। इसी तरह पार्क व नर्सरी निर्माण के लिए 50 लाख, स्ट्रेय डॉग्स पर नियंत्रण के लिए 25 लाख, डॉग कैनल्स, कैटल पाउंड्स के लिए 25 लाख, स्ट्रीट फर्नीचर के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये खर्च का बजट है।
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में तय आय के लक्ष्य हासिल करने पर फोकस रहेगा, जिससे शहर के विकास कार्यों के लिए अधिक से अधिक फंड जुटाया जाए। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।