जगाधरी। नाबालिग का अपहरण कर उससे दुराचार करने के दोषी को अदालत ने 12 साल कैद और एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 15 से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया।
सदर पुलिस जगाधरी ने जून 2013 को क्षेत्र के ग्रामीण की शिकायत पर गांव पंजेटो निवासी सौरभ के खिलाफ उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के परिजनों के मुताबिक 13 जून की रात को जब परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे, तो आरोपी सौरभ ने उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया।
हालांकि उन्होंने आसपास के क्षेत्र में बेटी की तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने सौरभ के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 24 जून, 2013 को सौरभ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पीड़िता को छुड़वाया। पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि सौरभ उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। सौरभ ने उसके साथ गलत काम भी किया।
मेडिकल जांच में पीड़िता के साथ दुराचार की पुष्टि हुई होने पर पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 376 को जोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, चाइल्ड मैरिज एक्ट, पोक्सो एक्ट की धाराएं लगा दी। सरकारी वकील रजनीश रायजादा ने बताया कि कोर्ट ने सौरभ को भादंसं की धारा 363 में सात साल, 366 में सात साल, 376 (2), (1), 376 (एन ) सेक्शन 5 (1) में 12 साल, सेक्शन (1) पोक्सो एक्ट, सेक्शन (3) पोक्सो एक्ट में 10 साल और चाइल्ड मैरिज एक्ट में दो साल की सजा और एक लाख, 10 हजार का जुर्माना किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।