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Yamuna Nagar News: साढौरा में सामक के चावल का आटा खाने से 100 लोग बीमार

Tue, 01 Apr 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा (यमुनानगर)। नवरात्र के पहले दिन रविवार को सामक (स्वांक) के चावलों के आटे से बने पकवान खाने से साढौरा व आसपास के लगभग 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सभी को फूड पाइजनिंग हो गया है। सभी को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और शरीर में कंपकंपी जैसी परेशानी हो रही है। सभी बीमार लोगों को इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सीएचसी पहुंचे 44 लोगों में से पांच की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। देर रात मामले की सूचना मिलने पर बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह ने सीएचसी में भर्ती मरीजों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। वहीं उनके निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कस्बे की किराना दुकानों पर सैंपलिंग की। हालांकि टीम के आने की सूचना मिलते हुए सभी दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके गायब हो गए।
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सीएचसी के सामने रहने वाले कुलदीप ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन की दोपहर को उनके परिवार ने स्वांक के चावलों के आटे से बनी पकौड़ी और पूरी खाई थी। थोड़ी ही देर बाद सभी को पेट दर्द और हाथ पैरों में कंपकंपी के साथ-साथ उल्टी और दस्त होने लगे। सभी की हालत बिगड़ती देखकर कुलदीप, उसकी पत्नी व तीनों बेटों को तुरंत बिलासपुर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
इसी तरह मोहल्ला मघान के रिंकू, राजेश, आशीष व अनीष सहित उनके परिवार के सदस्यों को भी यही तकलीफ होने पर उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया। इसी दौरान सीएचसी में भी पेट दर्द, उल्टी, दस्त व शरीर में कंपकंपी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचने शुरु हो गए। तीन घंटे के अंतराल में सीएचसी में 44 मरीज पहुंच गए।
मौके पर चिकित्सक मौजूद न होने के बावजूद स्टॉफ नर्स नीलम ने स्वास्थ्य कर्मियों अमित व विजय की सहायता से सभी मरीजों का उपचार शुरु किया। पांच मरीजों के अलावा बाकी सभी की हालत में सुधार होना शुरू हो गया। वहीं साढौरा की ममता व गुंजन, सरावां की जसविंद्र, सादिकपुर के दलबीर व फिरोजपुर के बलबीर की हालत में सुधार न होने पर उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
अधिकतर मरीज कस्बे की वाल्मीकि बस्ती, मोहल्ला पीर बुद्धू शाह, मोहल्ला नारायणदास के अलावा सरावां, सादिकपुर व फिरोजपुर के गांवों के रहने वाले हैं। जिसमें बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाएं शामिल हैं। सभी मरीजों में एक से ही लक्षण दिखाई देने से इतना जरूर साफ हो गया है कि स्वांक के चावलों के आटे में ही विषाक्त तत्व उपस्थित है, जिसका लेबोरेट्री जांच से ही पता चल सकेगा।
चार-पांच दुकानों से खरीदा था आटा
बीमार हुए लोगों ने चार-पांच दुकानों से आटा खरीदा था, जिस कारण से सभी एक साथ बीमार हो गए। इन दुकानदारों ने भी खारा कुआं चौक के पास मौजूद एक चक्की से यह आटा खरीदा था। इसकी सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. अमित चौहान अपनी टीम के साथ सैंपलिंग करने के लिए पहुंच गए। इस टीम के आने की सूचना मिलते ही सभी करियाना दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। एसएचओ अमित कुमार के साथ यह टीम खारा कुआं चौक पर पहुंची तो भाटिया आटा चक्की का पीछे की तरफ का रास्ता खुला देखकर टीम ने वहां सैंपलिंग की कार्रवाई शुरू की।
नहीं मिला खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस : डॉ. अमित
डॉ. अमित चौहान ने बताया कि इस चक्की से स्वांक के चावल से बने आटे का सैंपल लिया गया। इसके अलावा सरावां के शाम लाल किराना स्टोर से भी स्वांक के चावल व कुट्टू के आटे का सैंपल लिया गया। दोनों के पास खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस नहीं मिला। इसके अलावा भी दो-तीन दुकानों की जांच करने पर वहां स्वांक या कुट्टू का आटा नहीं मिला। डॉ. अमित चौहान ने बताया कि इन सैंपलों की लैब में जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ अमित कुमार ने बताया कि मरीजों के बयानों के इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
किराना दुकानदारों व्यक्त किया दुख
इसी दौरान कस्बे के किराना दुकानदारों की प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर में हुई बैठक में इस घटना पर दुख व्यक्त करने के अलावा सभी मरीजों के जल्दी सकुशल होने की कामना की गई। वहीं सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का डोर टू डोर दौरा करके लोगों के स्वास्थ्य की जांच करके उपचार किया।
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सहारनपुर के सप्लायर से खरीदे थे कट्टे
चक्की मालिक ने स्वांक के चावलों के 15 कट्टे कुछ दिन पहले सहारनपुर के एक सप्लायर से खरीदे थे। 30 किलो वजन के इन कट्टों को चक्की मालिक ने अपनी चक्की में पीसकर आटा तैयार करने के बाद कस्बे के अलावा आसपास के दुकानदारों को बेचा था। बताया जा रहा है कि स्वांक के चावलों को सुरक्षित रखने के लिए इसमें कोई जहरीला पदार्थ रखा हुआ था। जोकि आटा पीसते समय साथ ही पीस गया। जिसकी वजह से इस आटे का सेवन करने वालों की तबीयत बिगड़ी है।
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