संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर में हमीदा हेड के पास पश्चिमी यमुना नहर में नहाते समय रविवार दोपहर 10 साल का आजाद सिंह व 14 साल का मोहित पानी में डूब गए। लोगों ने मोहित को बचा लिया। वहीं आजाद डूब गया। गोताखोरों को तीन घंटे बाद आजाद का शव पानी में नहर की रेत में धंसा मिला।
आजाद के माता-पिता मूल रूप से सहारनपुर के पास मोदीपुर गांव के रहने वाले हैं। वह यमुनानगर में पुराना हमीदा की खड्डा कॉलोनी में किराये पर रहते हैं और दोनों प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते हैं। खड्डा कॉलोनी में शनि मंदिर के पास रहने वाली बबली ने बताया कि वह सुबह छह बजे काम पर चली गई थी।
दोपहर एक बजे वह घर लौट रही थी तो बेटी ने फोन करके बताया कि आजाद पड़ोस में रहने वाले दोस्त मोहित के साथ हमीदा हेड के पास पश्चिमी यमुना नहर में नहाने गया था। आजाद पानी में डूब गया है । वह तुरंत नहर पर पहुंची। वहां उसे पता चला कि दोनों नहर में नहाते समय डूब गए थे। उन्हें डूबता देख आसपास के लोगों ने मोहित को बचा लिया।
जब उसे बाहर निकाला गया तो वह बेहोश हो गया था। उसे तुरंत हमीदा चौकी पुलिस की पीसीआर में अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। परंतु आजाद पानी में डूब गया। पुलिस ने गोताखोर राजीव व उसकी टीम को मौके पर बुलाया। तीन घंटे बाद आजाद का शव पानी से निकाला गया।
पुलिस के सामने हाथ जोड़ती रही बहन
हमीदा चौकी इंचार्ज गुरदयाल सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। जब तक आजाद का कुछ पता नहीं चला परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। आजाद की बहन पुलिस के आगे हाथ जोड़ कर कह रही थी कि अंकल मेरे भाई को पानी से निकाल कर ले आओ। पुलिसकर्मियों की आंखें भी उसकी बात सुन कर नम हो गई। एक पुलिसकर्मी ने बच्ची के सिर पर हाथ फेरते हुए उसे दिलासा दी
तीन बहनों का इकलौता भाई था आजाद
आजाद तीन बहनों का इकलौता भाई था। आजाद से एक बड़ी व दो छोटी बहने हैं। बड़ी बहन आजाद के डूबने पर जोर-जोर से रोने लगी। कभी पुलिस से मदद मांगती तो कभी नहर की तरफ देखती। नहर किनारे ही आजाद के कपड़े पड़े थे। बहन आजाद के कपड़ों को उठाकर बार-बार गले से लगाती तो कभी उन्हें चूमने लगती। आजाद का जन्म 15 अगस्त को हुआ था। इस पर माता-पिता ने बेटे का नाम आजाद सिंह रखा था।
राहत की डुबकी बन रही मौत का कारण
गर्मी के मौसम में पाबंदी के बावजूद पश्चिमी यमुना नहर में बच्चों से लेकर बड़े तक सरेआम नहाते हैं। नहाने वालों पर सिंचाई विभाग व पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जाती। शहर में हमीदा हेड, बाडी माजरा, आजाद नगर, बूडिया से लेकर प्रतापनगर तक नहर में कई जगह लोग नहाते हैं। अब तक दर्जनों हादसे हो चुके हैं। गत तीन मई को ही भूड़कलां में ताउ देवी लाल हर्बल पार्क के पास पश्चिमी यमुना नहर में डूबने से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले भंगेड़ा गांव निवासी 17 वर्षीय कृष और कड़कौली निवासी 17 वर्षीय मयंक की मौत हो गई थी।