नगर निगम ने किराया नहीं देने पर मंगलवार सुबह कार्रवाई करते हुए मीरा बाई बाजार की दस दुकानों को सील कर दिया। इन दुकानों पर लगभग 40 लाख रुपये किराया रुका है। दस साल से दुकानदार इन दुकानों का किराया जमा नहीं कर रहे थे। दुकानें सील देखकर बाजार के सभी दुकानदार आक्रोशित हो गए और विरोध स्वरूप अन्य दुकानदारों ने भी शटर डाउन कर दिया। दुकानदारों ने निगम अधिकारियों की इस कार्रवाई को तानाशाही बताया और विरोध किया। बाद में मेयर मदन चौहान से मिलने पहुंचे। मेयर ने उन्हें 25 प्रतिशत एकमुश्त किराया जमा करने और बकाया राशि दस प्रतिशत प्रतिमाह की किस्त में जमा करवाने की बात कहीं। इसके बाद 25 प्रतिशत किराया जमा करने के बाद दुकानों की सील खोली गई।
नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह के निर्देशों पर लंबे समय से किराया जमा न करने वाले दुकानदारों की दुकानें सील करने के लिए मंगलवार सुबह क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम भवन निरीक्षक दिनेश गर्ग, निगम अभियंता जगबीर मलिक, किराया सहायक देशराज, अजय कुमार व अन्य का शामिल किया गया। नगर निगम की यह टीम सुबह मीरा बाई बाजार में पहुंची। यहां टीम ने लगभग दस सालों से किराया जमा न करवाने वाले बकायादार दुकानदारों की दस दुकानें सील कर दी। क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया ने बताया कि सील की गई दुकानों के किरायादारों पर लगभग 40 लाख रुपये की राशि बकाया है। इन बकायादारों को नगर निगम द्वारा चार बार नोटिस दिया जा चुका था। इसके बाद भी इन दुकानदारों ने किराया जमा नहीं करवाया।
क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया ने बताया कि किराया जमा न करवाने वाले बकायादारों पर अब लगातार कार्रवाई की जाएगी। मीरा बाई बाजार के बाद शहर के अन्य बकायादार दुकानदारों की दुकानों को सील किया जाएगा। साथ ही उन व्यक्तियों की संपत्ति भी सील की जाएगी। जिसका प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। नगर निगम की अगली कार्रवाई वर्कशॉप रोड, बस स्टैंड, शिवाजी मार्केट स्थित उन दुकानों व प्रतिष्ठानों पर की जाएगी। जिनका किराया व प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। निगम की सीलिंग की कार्यवाही से बचने के लिए बकायादार अपना किराया व प्रॉपर्टी टैक्स जल्द से जल्द जमा करवाएं।
मीरा बाई बाजार के प्रधान प्रेम सागर व नरेश सागर का कहना है कि अभी मार्केट डाउन है और फेस्टिवल सीजन भी कमजोर रहा है। शादियों के सीजन से उम्मीद है, लेकिन निगम ने सीलिंग की कार्रवाई कर दी। दुकानदारों ने 25 प्रतिशत किराया जमा करवाने और बकाया राशि किस्तों में जमा करवाने की मांग की थी। जिसे मेयर ने मान लिया है।