प्रश्न: पहली रैंक पाकर कैसा महसूस कर रहीं हैं ?
उत्तर: बहुत अच्छा लगता है कि जिस चीज से आप मेहनत करते हैं, उसमें सफलता भी मिल जाए तो इससे बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती है। बहुत समय से यह सफलता चाह रही थी, जिसके लिए मेहनत जारी थी। यह ऐसी फीलिंग है।
प्रश्न: अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगी ?
उत्तर: माता-पिता और भाई को। जिन्होंने हर वक्त हौसला बढ़ाया। मैं बहुत इमोशनल हो जाती थी और बहुत जल्दी रोती थी। फिर वे मेरे असफलता को स्वीकार करने में मदद करते थे और और फिर से प्रेरित करते थे। दोस्तों ने भी बहुत सपोर्ट किया है।
प्रश्न: आपका अगला लक्ष्य क्या होगा ?
उत्तर: अब मुझे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देनी है। इस बार मैंने फार्म नहीं भरा था लेकिन 2021 में यूपीएससी की परीक्षा देनी हैं और आईएएस का लक्ष्य पूरा करना है।
प्रश्न: नंबर वन रैंक लाने की कितनी उम्मीद थी?
उत्तर: अच्छा होने की उम्मीद थी, टॉप 100 में आने का विश्वास था लेकिन रैंक वन आने की उम्मीद नहीं थी। रिजल्ट आने के 15 मिनट पहले तक भी नहीं लगा था कि ऐसा कुछ होगा।
प्रश्न: आप युवाओं के क्या कहेंगी ?
उत्तर: मेहनत करों, ईमानदारी से मेहनत करो। जो पढ़ों उसे मल्टीपल टाइम रिवाइज करो। नोट्स जरूर बनाओ क्योंकि आपके नोट्स से अच्छा कोई स्टडी मैटेरियल नहीं हो सकता है, मोटिवेटेड रहो और एक पेपर की नॉलेज, दूसरे पेपर में इस्तेमाल करो।
प्रश्न: असफलताओं ने कितना सिखाया?
उत्तर: असफलताओं ने बहुत सिखाया। आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुश्किल भी आई। यूपीएससी की तैयार साइंस से की थी, जिसमें काफी मेहनत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पीसीएस में लिबरल आर्ट्स का विषय था, ऐसे में फिर से मेहनत करनी पड़ी। 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की। इकोनॉमिक्स और विषयों की जानकारी नहीं थी, जिससे मुश्किल आई। एचसीएस की परीक्षा भी दी लेकिन सफलता नहीं मिली। पढ़ाई का तरीका भी नहीं पता था।