साइबर सिटी में आज भी युवतियों को घर से बाहर निकलने में डर महसूस होता है। यहां केवल छेड़छाड़ ही नहीं, बल्कि पहनावे को लेकर की जाने वाली छींटाकशी भी युवतियों में डर की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है।
सिविल अस्पताल में 19 साल से कम आयु के बच्चों को यौन शिक्षा देने के लिए स्थापित मित्रता क्लीनिक में जनवरी से अब तक 2500 से अधिक युवा काउंसलिंग के लिए पहुंच चुके हैं। क्लीनिक की काउंसलर संगीता मेहरा बताती हैं कि मित्रता क्लीनिक में आने वाली अधिकांश युवतियां पहनावे पर छींटाकशी करने, किसी के द्वारा पीछा करने और अश्लील फब्तियां कसने जैसी शिकायतें लेकर आती हैं। कई मामले तो ऐसे भी आए हैं, जहां बच्चियों ने खुद को घर में भी असुरक्षित बताया है। वर्तमान में भी रोजाना औसतन 10 मामले आ रहे हैं। इनमें से तीन मामलों में युवतियां छेड़छाड़ और परिवार से तालमेल न होने की वजह से परेशान मिलती हैं।
नए साल से मिलेगी सभी को हेल्प
मित्रता क्लीनिक में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए जिले में मोबाइल टीम सेवा शुरू करने का निर्णय किया है। मित्रता क्लीनिक की नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता राठी बताती हैं कि यह सेवा नए साल से शुरू हो जाएगी। इसके लिए कुल दस टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम होगी। इन टीमों का उद्देश्य युवतियों को स्वास्थ्य लाभ देने के साथ उनके भीतर किसी भी प्रकार के डर का समाधान करना होगा। इतना ही नहीं, नए साल से एक हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जाएगा, जो केवल इस प्रकार के मामले देखेगा।
मोबाइल टीम सेवा के लिए चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इसके लिए जरूरी गाड़ियों की मांग भी भेजी जा चुकी है। मंजूरी मिलने तक किराये पर गाड़ियां लेकर यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
-डॉ. पुष्पा बिश्नोई, सिविल सर्जन, गुड़गांव