सोनीपत। शहर की सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग नजर नहीं आती। सड़कों पर यातायात नियमों की बात करना बेमानी सा नजर आता है। चौराहों व तिराहों पर वाहनों के रुकने के लिए स्टॉप लाइन न ही पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा क्रॉसिंग बनाई गई है। ऐसे में पैदल यात्रियों के लिए मुसीबत बढ़ जाती है। सड़क की दूसरी लेन को पार करने के लिए वाहन रुकने का इंतजार करता पैदल यात्री कभी भी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ सकता है। इसे तकनीकी खामी कहें या फिर विभागों में आपसी तालमेल का अभाव, नतीजा आम आदमी को ही भुगतना पड़ रहा है।
शहर की सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग नजर नहीं आती है। चौराहे व तिराहे पर किसी तरह के चिह्न नजर नहीं आते। इससे रोजमर्रा सड़क पार करने वाले हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। व्यस्त समय में व्यस्त मार्गों पर रोज हजारों पैदल यात्री इस अव्यवस्था के कारण परेशान होते हैं। जान जोखिम में डाल सड़क पार कर रहे पैदल यात्री आए दिन हादसे के शिकार भी होते हैं। परंतु संबंधित विभागों का ध्यान उस तरफ नहीं जाता। इससे पैदल सड़क पार कर रहे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। शहर में लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था की हालत दयनीय होती जा रही है। सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों के लिए सड़कों पर दौड़ रही कारों, बसों, स्कूटर, बाइक आदि वाहनों की भीड़-भाड़ के बीच रोड क्रॉस करना किसी बड़े जोखिम से कम नजर नहीं आता। ज्यादातर सड़कों पर जेब्रा कॉसिंग नहीं है, जो थोड़ी बहुत जेब्रा क्रॉसिंग बनी हैं, वह भी मिट चुकी हैं। इसे दोबारा बनाने का प्रयास न तो नगर निगम ने किया और न ही ट्रैफिक पुलिस ने पहल की। लिहाजा इसका खमियाजा सड़क पर चलने वाले आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।
चौराहों, अस्पताल, स्कूलों व सरकारी कार्यालय तक के सामने नहीं जेब्रा कॉसिंग
शहर में जेब्रा क्रॉसिंग चौराहों, अस्पताल, स्कूलों व सरकारी कार्यालय तक के सामने नहीं है। लघु सचिवालय व पुलिस लाइन के सामने भी जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है। इसके साथ ही नागरिक अस्पताल, स्कूल-कॉलेजों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाए गए हैं। जिससे हादसे का भय बना रहता है।
बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व अन्य को सड़क पार करने में होती हैं मददगार
चौराहे व अन्य स्थानों पर सड़क पर सफेद पट्टियां बनी होती हैं। जिसको जेब्रा क्रॉसिंग कहा जाता है। यह क्रॉसिंग लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई जाती है। वाहन चलाने वाले लोगों को पता होता हैं कि उन्हें कहां पर गाड़ी की गति धीमी करनी है या रोकनी है और रोड क्रॉस करने वालों को पता रहता है कि रास्ता कहां से क्रॉस करना है। काली सड़क पर सफेद पट्टी अलग दिख जाती है। यह बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व अन्य को सड़क पार करने में मददगार होती हैं।