अस्पताल में इलाज के दौरान मृतक रुपेंद्र
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हरियाणा में सोनीपत जिले के टिकोला गांव के युवक रुपेंद्र की रेबीज से मौत हो गई। उसे करीब दो माह पहले कुत्ते ने पांव में काटा था। पीड़ित मां ने अपने बेटे की मौत के लिए जैनपुर डिस्पेंसरी के कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कुत्ता काटने के बाद रुपेंद्र को लेकर डिस्पेंसरी गई थी तो कर्मचारी ने एक टीका लगाया लेकिन अगले टीकाकरण की जानकारी नहीं दी गई। इससे उनका बेटा रेबीज का शिकार हो गया। इस संबंध में सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं।
रुपेंद्र की मां ने बताया कि चार-पांच दिन से रुपेंद्र ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। स्थिति गंभीर होने पर उसे नागरिक अस्पताल, सोनीपत लेकर गए। चिकित्सकों ने उसमें रेबीज के लक्षण बताकर पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया।
रोहतक से भी उसे दिल्ली भेज दिया गया। दिल्ली में प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस घर भेज दिया गया लेकिन अगले ही दिन हालत और बिगड़ने पर उसे दोबारा पीजीआई, रोहतक लेकर गए। वहां पर उपचार के दौरान शनिवार रात को उसकी मौत हो गई। रुपेंद्र घर में सबसे छोटे थे और लोडर गाड़ी चलाते थे।