सोनीपत। यमुना का जलस्तर अब कम होने लगा है। हथिनी कुंड बैराज से कम पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि चौतरफा पानी से घिरे गांव जाजल-टोंकी के लोगों की मुसीबत कम नहीं हुई है। गांव में खाद्यान्न किल्लत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कहा जा रहा है कि यमुना का जलस्तर अब नहीं बढ़ा तो हालात शीघ्र ही सामान्य हो जाएंगे। जाजल टोंकी में फंसे लोग पैदल या पांच फीट पानी से गुजरकर ही गांव में आवागमन कर रहे हैं। फसलों के प्रभावित होने का आंकड़ा बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि 10 हजार एकड़ से ज्यादा फसल प्रभावित हो चुकी है। जिसमें करीब 500 एकड़ सब्जियों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के बाद नदियां उफान पर है। हथिनी कुंड बैराज से रुक-रुककर पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर बढ़ गया था। हालांकि वीरवार को इसमें कमी आई है। यमुना का जलस्तर बुधवार को 216.4 मीटर के मुकाबले वीरवार को 216.1 मीटर पर रहा। जिले में यमुना 217 मीटर पर पहुंचने पर खतरे के निशान पर होती है। यमुना से सटे 25 गांवों के खेतों में काफी नुकसान पहुंचाया है। सबसे बुरे हालात गांव जाजल टोंकी में हैं। इसका संपर्क टूट गया है। गांव के चारों तरफ पानी भरा है। गांव में दुकानों पर खाने-पीने का सामान खत्म होने लगा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, खानपान और पशुओं के चारे से संबंधित सेवाएं प्रभावित हैं। प्रशासन की तरफ से खाने-पीने और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में फिलहाल खाद्यान्न पर्याप्त है। यह जरूर है कि यदि दो-तीन दिनों में पानी कम नहीं हुआ तो ग्रामीणों के लिए खाने और मवेशियों के लिए चारे की किल्लत हो सकती है। फिलहाल दिक्कत गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। बीमारियां भी घेरने लगी है। बुजुर्ग बीमार होने की स्थिति में गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। गांव में स्कूल बंद हो गए हैं। गांव के लोग गैस सिलिंडर पानी से गुजरकर ले जा रहे हैं। गांव से बाहर जाने के लिए प्रशासन की तरफ से नाव लगाई गई है।
मंडल आयुक्त ने ली बैठक, जानमाल की रक्षा को प्राथमिकता से लेने के निर्देश
यमुना नदी में बढ़े जलस्तर को लेकर समीक्षात्मक बैठक लेने पहुंचे रोहतक मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने निर्देश दिए कि लोगों के जान-माल के सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने डीसी तथा अन्य अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सोनीपत जिले में हर प्रकार की स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा गया है। डीसी ललित सिवाच ने कहा कि यमुना के साथ करीब 25 गांव बसे हुए हैं, जिनमें से जाजल टोंकी, मनौली टोंकी व असदपुर गढ़ी के लोग प्रभावित हुए हैं। मनौली टोंकी व असदपुर गढ़ी के लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा चुका है, जबकि जाजल टोंकी के लोग सुरक्षित हैं।
रात के समय ठीकरी पहरा शुरू
जिलाधीश ने नहर, माइनर, ड्रेनों तथा यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर व जलभराव की स्थिति पर नियंत्रण के लिए बाढ़ संभावित खतरे को देखते हुए सरपंचों को अपने-अपने गांवों में रात्रि के समय ठीकरी पहरा लगाने के आदेश जारी किए हैं। सभी सरपंच अपने-अपने गांवों में युवाओं की ड्यूटी लगाकर पहरा दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य को करवाने की जिम्मेदारी संबंधित सिंचाई विभाग, तहसीलदार, थानाध्यक्ष तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की होगी।
एसडीएम ने बेगा घाट पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
गन्नौर। यमुना में वीरवार को जलस्तर घटने शुरू होने से बेगा गांव के किसानों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अब खतरा तो कम हो गया है, लेकिन उनकी फसलों में पानी घुस गया है। जब फसलों से पानी निकलेगा तो उन्हें नुकसान का पता चलेगा। इस बीच एसडीएम निर्मल नागर ने बेगा घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ तहसीलदार मनोज कुमार भी थे।
दातौली में पानी निकासी के लिए 4 और पाइप डालने के आदेश
एसडीएम निर्मल नागर दातौली गांव के करीब 500 एकड़ खेतों में हुए जलभराव का भी जायजा लिया। बेगा-दातौली गांव के बीच में पानी निकासी के लिए सड़क के नीचे 4 पाइप पहले ही डाले गए हैं, लेकिन सफाई न होने की वजह से उनमें पानी निकासी नहीं हो रही थी। पाइप की सफाई करवाने के बाद खेतों में जमा पानी ढलान की तरफ निकलना शुरू हो गया है। उन्होंने मौके पर मौजूद सड़क एवं भवन के एसडीओ रवीन दत्ता को 4 और बड़े पाइप डालने के आदेश दिए।
टीडीआई के पास ड्रेन में लगी पाइप लाइन खुलने से भरा पानी
टीडीआई के पास गांव नांगल कलां के निकट ड्रेन नंबर 8 में लगी पाइपलाइन रात में खुल गई। जिससे ड्रेन का पानी डब्ल्यूएस फ्लैट के पीछे भर गया। पानी गांव नांगल कलां की तरफ जाने लगा तो तो ग्रामीणों ने मिट्टी के कट्टों को पाइपलाइन में भरा दिया। रात दस बजे शुरू हुए रिसाव को देर रात दो बजे बंद किया जा सका। करणी सेना के प्रदेश महामंत्री दीपक चौहान ने कहा कि देर रात तक राहत व बचाव कार्य जारी रहा। यह ड्रेन एक दिन पहले भैरा बांकीपुर के पास भी टूट गई थी।
ड्रेन ओवरफ्लो होने से हाईवे तक पहुंचा पानी
नेशनल हाईवे पर प्याऊ मनियारी के पास ड्रेन नंबर-8 ओवरफ्लो हो गई, जिससे पानी नेशनल हाईवे के पास संपर्क मार्ग तक भर गया। इससे ड्रेन के पास दुकानदारों की मुसीबत बढ़ गई। पुलिस ने उन्हें बंद करा दिया। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी ड्रेन के साथ संपर्क मार्ग पर नहीं जाने दिया गया।