यमुना में मशीन से किया जा रहा रेत खनन (फाइल फोटो)
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सोनीपत। खनन मंत्री की सख्ती के बाद जहां यमुना के अंदर अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई और मशीनों व ट्रकों को सीज किया गया। वहीं मंत्री के सख्ती दिखाने के बाद भी यमुना के अंदर दोबारा ग्यासपुर में पानी के अंदर ही अवैध रेत खनन शुरू कर दिया है, तो टिकौला में आनंद एंड कंपनी ने 25 करोड़ रुपये दबाने के साथ ही किस्त नहीं देने के बावजूद खनन शुरू कर दिया है। जहां पहले भी प्रशासनिक व खनन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने के कारण सवाल उठ रहे थे, वहीं अब दोबारा से अधिकारियों की मिलीभगत से ग्यासपुर व टिकौला में यह खेल शुरू हुआ है। अब खनन मंत्री के अवैध रेत खनन नहीं होने देने के आदेश भी अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं और मंत्री के आदेशों का एक सप्ताह बाद ही असर खत्म होता दिख रहा है।
यमुना के अंदर पिछले काफी समय से लगातार अवैध रेत खनन किए जाने की शिकायत अधिकारियों के पास पहुंच रही थी। अधिकारियों के कार्रवाई नहीं करने पर खनन मंत्री मूलचंद शर्मा के पास शिकायत पहुंचने लगी। इसके साथ ही सरकार के करोड़ों रुपये दबाकर रखने के बावजूद ठेकेदारों के लगातार खनन करने की शिकायत भी मंत्री मूलचंद शर्मा के पास पहुंची। इस तरह की शिकायत मिलने पर खनन मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया और चंडीगढ़ से टीम भेजकर छापेमारी शुरू कराई। उस टीम ने सबसे पहले ग्यासपुर में अल्टीमेट ग्रुप की खान पर छापा मारा गया, जहां रात के समय पानी के अंदर अवैध रूप से रेत खनन होता मिला। इस कारण ही छह पोपलैन मशीनों व आठ ट्रकों को सीज कर दिया गया था। इस कार्रवाई को दस दिन पहले ही किया गया है और अब दोबारा से ग्यासपुर में पानी के अंदर अवैध रूप से खनन शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही अल्टीमेट ग्रुप पर सरकार का 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। इसके बावजूद भी प्रशासनिक व खनन विभाग के अधिकारियों ने दोबारा से खनन शुरू करा दिया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।
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आनंद एंड कंपनी ने 25 करोड़ दबाए, 45 लाख की किस्त दिए बिना करा रहे खनन
खनन मंत्री मूलचंद शर्मा के आदेश पर पांच खनन ठेके रद्द कर दिए गए हैं तो चंदौली में खान को निलंबित किया गया है। जिससे इन छह जगहों पर खनन नहीं किया जा सकता है। इन सभी को सरकार के करोड़ों रुपये दबाकर रखने के साथ ही हर महीने की लाखों रुपये की किस्त नहीं देने के कारण रद्द किया गया है। लेकिन आनंद एंड कंपनी पर प्रशासनिक व खनन विभाग के अधिकारियों की ज्यादा ही मेहरबानी दिख रही है। इस कंपनी ने सरकार के 25 करोड़ रुपये से दबाए हुए हैं और वह सरकार को 45 लाख रुपये की किस्त भी जमा नहीं कर रहा है। इस तरह आनंद एंड कंपनी पर लगातार सरकार के रुपये बढ़ते जा रहे हैं और उसके बावजूद वह यमुना में खुलेआम खनन कर रहा है। जहां पहले एनजीटी की रोक के बावजूद यमुना के बांध को रेत के ट्रकों को निकालने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, वहीं सिंचाई विभाग के शिकंजा कसने पर बांध को इस्तेमाल करना बंद किया। लेकिन सरकार के 25 करोड़ दबाने के साथ ही 45 लाख रुपये महीने की किस्त नहीं भरने पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
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यमुना में अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस समय दोबारा से खनन शुरू किया गया है, उसकी कोई जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी कि किसने अवैध रूप से रेत खनन शुरू किया है, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं जिनपर सरकार का रुपया बकाया है, उनकी फाइल तैयार हो चुकी है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
-विजय सिंह, एसडीएम