संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। आर्य समाज सेक्टर-14 और जिला वेद प्रचार मंडल सोनीपत के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज परिसर में वैदिक आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया। आचार्य वरुण देव आर्य ने कहा कि जीवन निर्माण के लिए यज्ञ, संध्या, उपासना, सत्संग और धर्म चर्चा आवश्यक हैं।
किसी संप्रदाय विशेष को धर्म नहीं कहा जाना चाहिए। धर्म का वास्तविक अर्थ धैर्य, क्षमा, आत्मसंयम, चोरी न करना, पवित्रता, इंद्रियों पर नियंत्रण, सद्बुद्धि, विद्या की प्राप्ति और क्रोध न करना जैसे गुणों को धारण करना है। उन्होंने उपस्थित लोगों की शंकाओं का समाधान करते हुए अंधविश्वासों से दूर रहने और स्वाध्याय व सत्संग अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान रविंद्र आर्य ने की जबकि देवेंद्र सिंह का विशेष सहयोग रहा। आचार्य वरुण देव आर्य के ब्रह्मत्व में यज्ञ हवन कराया गया। मंच संचालन संस्था के महासचिव रविंद्र कुकरेजा ने किया।
हरि चन्द स्नेही ने बताया कि समारोह का समापन रविवार सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ होगा। समारोह में महात्मा वेदमुनि, ईश्वर दयाल शर्मा, दीपक तलवार, दीक्षा आचार्य, प्रेम सिंह मलिक, राम मूर्ति मलिक, भगत सिंह, मनोहर बत्रा, सुदेश बत्रा, डीडी मदान, जितेंद्र मलिक उपस्थित रहे।