फाेटो 04- सोनीपत के कालूपुर चुंगी स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
सोनीपत। कालूपुर चुंगी स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा पूजन किया गया। विश्वकर्मा समाज के लोगाें व श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में हवन कर समाज में सुख-समृद्धि व व्यवसाय में उन्नति की कामना की।
जांगड़ा समाज के पूर्व जिला प्रधान भलेराम जांगड़ा ने कहा कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार दिवाली उत्सव के दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को भगवान विश्वकर्मा का अवतरण हुआ। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण वास्तुकला, पहले वास्तुकार व इंजीनियर के रूप में भी पूजा जाता है।
विश्वकर्मा ने ही सभी देवताओं के लिए स्वर्गलोक का निर्माण किया। साथ ही पुष्पक विमान, इंद्रपुरी, द्वारका, सोने की लंका, हस्तिनापुर जैसे दिव्य नगरों का निर्माण किया। विश्वकर्मा को हिंदू धार्मिक मान्यताओं व ग्रंथों के अनुसार निर्माण एवं सर्जन के देवता माने गए हैं।
भारतीय संस्कृति व पुराणों में भगवान विश्वकर्मा को हिंदू संस्कृति में यंत्रों का देवता भी माना गया है। भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति वर्मा के पुत्र धर्म, धर्म के पुत्र वास्तु देव के वंश में हुई। युवाओं को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। कार्यक्रम में बिल्लू पांचाल, डॉ. रघुवीर सिंह, होशियार सिंह पांचाल, जयभगवान जांगड़ा, नरेश दांगी, कृष्ण पांचाल, पंडित भूदेव, संदीप मौजूद रहे।