खरखौदा। महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर गांव रोहणा गांव स्थित आर्य समाज मंदिर में दो दिवसीय मधुर भक्ति संगीत कार्यक्रम शुरू किया गया। पहले दिन शनिवार को भजनोपदेशक कुलदीप बिजनौर ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांसारिक वस्तुओं से केवल सीमित सुख मिलता है, जबकि परमेश्वर की भक्ति से अनंत शांति और सुख की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि कई लोग सत्संग और भक्ति से दूर रहते हैं, लेकिन व्यर्थ कार्यों में समय बर्बाद करते हैं। भक्ति से जीवन में सच्ची शांति मिलती है, लेकिन कुछ लोग इस मार्ग से भटक जाते हैं।